OPINION: योगी सरकार में यूपी में स्टार्टअप को मिल रही नई रफ्तार, चौथे पायदान पर पहुंचा प्रदेश
किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने का काम यहां स्टार्टअप की संख्या पर निर्भर करता है। कितनी संख्या में नए स्टार्टअप शुरू होते हैं, वह इस बात पर निर्भर करता है कि सरकार इसको कितना बढ़ावा दे रही है।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में स्टार्टअप को बढ़ावा दे रही है जिससे ना सिर्फ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिले बल्कि साथ में रोजगार सृजन भी हो। देश में नए स्टार्टअप शुरू करने के मामले में उत्तर प्रदेश चौथे पायदान पर पहुंच गया है।

देश में स्टार्टअप की बात करें तो इसकी संख्या 140803 हो गई है। जिसमे सबसे अधिक महाराष्ट्र में 25000 से अधिक हैं। दूसरे पायदान पर 15109 के साथ कर्नाटक, तीसरे पायदान पर 14734 के साथ दिल्ली और चौथे पायदान पर उत्तर प्रदेश है। यहां 13299 स्टार्टअप की शुरुआत हुई है।
स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम के तहत इनक्यूबेटर्स ने इस साल 30 जून तक स्टार्टअप्स के लिए 90.52 करोड़ रुपये मंजूर किए। वहीं 2023 में 186.19 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। पिछले साल के 1025 की तुलना में इस साल 592 स्टार्टअप्स का चयन हुआ।
इसके अलावा वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) ने इस साल 30 जून तक स्टार्टअप्स में 805.86 करोड़ रुपये का निवेश किया, जोकि पिछले साल के 3366.48 करोड़ रुपए से कम है। इस साल 30 जून तक एआईएफ समर्थित स्टार्टअप की कुल संख्या 96 थी। पिछले साल यह आंकड़ा 148 था।
ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) में पिछले एक साल में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली है। जनवरी 2023 में 1000 से अधिक का लेन-देन हुआ था। जून 2024 तक यह लेन-देन 99 लाख से अधिक तक बढ़ गया।
बता दें कि ONDC का उद्देश्य वस्तुओं और सेवाओं से जुड़े डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन के सभी पहलुओं के लिए ओपन नेटवर्क को बढ़ावा देना है। ONDC प्लेटफॉर्म पर अब 5.7 लाख से ज्यादा विक्रेता और सेवा प्रदाता हैं।
स्टार्टअप्स के लिए ऋण गारंटी योजना के तहत सदस्य संस्थानों ने इस वर्ष 30 जून तक 154.60 करोड़ रुपए की ऋण गारंटी प्रदान की है। यह पिछले वर्ष 271.49 करोड़ रुपए से कम थी। भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम अलग-अलग राज्यों में विकसित हो रहा है।












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