UPSC CSE Exams Results: शहीदों के गांव शेरपुर के श्रीकेश ने रचा इतिहास, आने वाली पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा
UPSC CSE Exams Results: यूपीएससी में श्रीकेश राय ने सफलता अर्जित कर अपने मां-बाप के साथ ही पूरे परिवार और गांव का नाम रौशन किया है।

UPSC CSE Exams: संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा का रिजल्ट मंगलवार को घोषित कर दिया गया। इस परीक्षा में यूपी के गांव और कस्बों से निकले बच्चों ने भी अपनी सफलता का परचम लहराया है। यूपी में गाजीपुर जिले के शेरपुर गांव का इतिहास यूं तो पहले ही काफी गौरवशाली रहा है लेकिन श्रीकेश राय की उपलब्धि ने इसमें और चार चांद लगा दिया है। करीब एक लाख की आबादी वाले इस गांव को वर्षों से यह कमी महसूस हो रही थी जिसको श्रीकेश ने पूरा किया है। श्रीकेश ने यूपीएससी में 457वीं रैंक हासिल कर न केवल परिवार, गांव और जिले का नाम रौशन किया है बल्कि इस गांव की आने वाली युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ी लकीर खींचने का काम किया है।
गांव से निकलकर श्रीकेश ने हासिल की यह उपलब्धि
गाजीपुर जिले के शेरपुर के निवासी श्रीकेश राय गांव के ही एक सामान्य किसान परिवार के से जुड़े हुए हैं। इनके पिता रामानंद राय किसान हैं। श्रीकेश ने यूपीएससी परीक्षा में 457 वीं रैंक प्राप्त करते हुए जिला सहित क्षेत्र का नाम रोशन किया है। श्रीकेश राय ने पाचवें प्रयास में 457 वीं रैंक प्राप्त कर यह सफलता हासिल की है। श्रीकेश की इस सफलता पर परिवार ही नहीं पूरा गांव गौरवान्वित है।
शेरपुर के सैकड़ों छात्र प्रयागराज-दिल्ली में करते हैं तैयारी
शेरपुर से निकले छात्र काफी संख्या में आज भी प्रयागराज और दिल्ली में जाकर संघ लोकसेवा आयोग और यूपी पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं। श्रीकेश की सफलता परिवार की सफलता तो है ही दूसरी तरफ प्रयागराज, दिल्ली और अन्य शहरों में तैयारी करने वाले युवकों को भी हौसला देने का काम करेगी। पिछले पांच दशकों के इतिहास में यह पहला मौका है जब गाजीपुर जिले के इस बड़े गांव को ये खुशी मिली है। गांव वालों के लिए इस खुशी के कई मायने भी है क्योंकि अब उन्हें अपने बच्चों में भी श्रीकेश नजर आने लगा है।
श्रीकेश की सफलता इन युवाओं में पैदा करेगी जोश
इतने बड़े गांव में बहुत से ऐसे परिवार हैं जिनके बच्चे प्रयागराज में जाकर सिविल सर्विसेज की तैयारी करते हैं। लेकिन अब तक कोई खास सफलता नहीं मिली थी। गांव के कई छात्र सिविल सर्विसेज की तैयारी में कई बार साक्षात्कार तक पहुंचने में कामयाब रहे लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी। श्रीकेश की इस सफलता से अब आने वाले समय में गांव से निकलने वाली नई पीढ़ी को नई ऊर्जा मिलेगी जिससे वो भी अपने मां-बाप के सपनों को पूरा करने का जोखिम उठा सकेंगे।
UPPCS में श्रीकेश को मिली थी 21वीं रैकिंग
श्रीकेश राय के चयन की सूचना के बाद से ही पूरे गांव में खुशी का माहौल है। श्रीकेश राय का चयन पिछली साल यूपीपीसीएस में हुआ था जिसमें उन्होंने 21वीं रैंक हासिल की थी। श्रीकेश पहली बार उपजिलाधिकारी पद पर चयनित हुए थे। वर्तमान में उत्तर प्रदेश प्रशासनिक एवं प्रबंधन एकेडमी लखनऊ में प्रशिक्षण ले रहे है।
स्कूली शिक्षा गांव तो आगे की पढ़ाई दिल्ली में की
श्रीकेश राय के बड़े भाई राकेश राय कहते हैं कि, श्रीकेश शुरू से ही पढ़ने में मेधावी रहे हैं। स्कूली शिक्षा गांव के प्राथमिक और इंटरमीडिएट कॉलेज में हुई। बाद में वो ग्रेजुएशन करने बाहर चले गए जहां कठिन परिश्रम व मेहनत से यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त किया है। श्रीकेश ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और परास्नातक आईआईटी दिल्ली से किया है। इसके बाद यूपीएसी व यूपी पीसीएस की तैयारी में जुट गए थे। इनके पिता रामानंद राय हैं।
श्रीकेश बोले- परिश्रम का कोई विकल्प नहीं
श्रीकेश राय ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरुजनों को देते हुए कहा कि मेहनत कोई विकल्प नहीं होता। जब तक लक्ष्य हासिल न कर लें तब तक हिम्मत न छोड़ें। यूपीएससी का रास्ता कठिन है लेकिन परिश्रम, लगन, एकाग्रता और दृढ़ता के बल पर सफलता हासिल की जा सकती है।












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