UP : 65 साल बाद बदलेंगे यूपी विधानसभा कार्यवाही के नियम, सदन में पेश हुआ मसौदा
यूपी में अब 65 सालों के बाद विधानसभा की कार्यवाही के नियम बदलने जा रहे हैँ। सरकार ने इसको लेकर नए नियमों का मसौदा सदन में पेश किया है।
Uttar Pradesh legislative assembly: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। आज सत्र का दूसरा दिन है। पहले दिन सरकार की तरफ से विधानसभा की नई नियमावली का मसौदा सदन में पेश किया गया। नए मसौदे को यदि मंजूरी मिली तो आने वाले दिनों सदन के भीतर विधायक मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे।

मोबाइल फोन लाने की भी नहीं होगी इजाजत
नई रुल बुक में सदस्यों को सदन में मोबाइल फोन ले जाने और झंडे, बैनर, ऐसे अन्य प्रतीक और हथियार प्रदर्शित करने से रोकने का प्रस्ताव रखा है। यदि सदन की नियम समिति द्वारा अनुशंसित नए नियम प्रभावी होते हैं तो ये प्रतिबंध लागू होंगे। राज्य विधानसभा की नियम समिति के अध्यक्ष रामपाल वर्मा ने सोमवार को सदन में 156 पन्नों की मसौदा नियम पुस्तिका पेश की।
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झंडे-बैनर लाने पर लगेगा प्रतिबंध
दरअसल जब विधानसभा का सत्र चलता है तो सदस्यों की तरफ से मुख्य रूप से विपक्षी सदस्य नारे प्रदर्शित करने और विभिन्न मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए झंडे, बैनर और तख्तियों का उपयोग करते हैं।
दस्तावेज फाड़ने और धूम्रपान की इजाजत नहीं
इसके अलावा नए नियम पुस्तिका में प्रस्तावित अन्य नियमों में प्रावधान है कि मंत्रियों को अब सदन में सदस्यों के अल्प सूचना प्रश्नों का उत्तर देने में सक्षम नहीं होने पर विधानसभा सचिवालय को कारण सहित जानकारी देनी होगी। सदस्यों को धूम्रपान करने, किसी भी दस्तावेज़ को फाड़ने और लॉबी में ज़ोर से बात करने पर भी रोक लग जाएगी।
आसन की तरफ पीठ दिखाकर बैठने पर प्रतिबंध
नए नियम में कहा गया है कि कोई भी सदस्य स्पीकर की ओर पीठ दिखाकर खड़ा या बैठेगा नहीं। इसमें सदस्यों से कहा गया है कि वे खुद स्पीकर (कुर्सी) के पास न जाएं। जरूरत पड़ने पर वे वहां बैठे अधिकारी के माध्यम से स्पीकर को एक पर्ची भेज सकेंगे। इसके अलावा पूरक प्रश्नों की संख्या को दो तक सीमित करने और सदन को बुलाने के लिए नोटिस के लिए न्यूनतम दिनों की आवश्यकता को 14 से घटाकर सात दिन करने का भी प्रस्ताव है।
बदलेंगे कई नियम
चूंकि नियम पुस्तिका को बदलना एक विस्तृत प्रक्रिया है, इसलिए सदन की कार्य सलाहकार समिति ने सुझाव आमंत्रित करने का निर्णय लिया है। मसौदा नियम पुस्तिका पर चर्चा 9 अगस्त को होगी। नई नियम पुस्तिका को मानसून सत्र के आखिरी दिन अपनाया जाएगा। यह अगले सत्र में प्रभावी होगा।
65 साल बाद सदन में आया नए नियमों का मसौदा
उत्तर प्रदेश विधानसभा ने राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NIVA) की शुरुआत करते हुए 65 वर्षों के बाद नई नियम पुस्तिका को अपनाने का प्रस्ताव रखा है। इससे पहले 1958 में यूपी विधान सभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों को अपनाया था।












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