UP Vidhansabha Budget 2023: दोनों सदनों में सपा ने किया हंगामा, जानिए सरकार ने कैसे संभाला मोर्चा
विधानसभा के बाहर समाजवादी पार्टी के लगभग 100 विधायकों ने सोमवार को राज्य विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले लखनऊ में विधानसभा के बाहर उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

UP Vidhansabha Budget 2023: उत्तर प्रदेश विधानमंडल सत्र के पहले दिन ही समाजवादी पार्टी की तरफ से विधानसभा और विधान परिषद में जमकर हंगामा किया गया। विधानसभा में जहां सपा के सदस्यों ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान नारेबाजी की वहीं परिषद में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल की मांग को लेकर सदन से वॉकआउट किया। परिषद में नरेश उत्तम पटेल और सभापति के बीच जमकर बहस हुई बाद में सपा के सदस्यों ने वॉकआउट कर दिया।
कार्यवाही शुरू होते ही शुरू हुआ हंगामा
दरअसल सोमवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा के सदस्यों ने विधानसभा के बाहर ही तख्तियां लेकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस दौरान सदन में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उनको रोकने की कोशिश की इस दौरान उनकी तीखी नोंकझोंक हुई। जितनी देर तक आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण चला उतनी देर तक सपा के सदस्यों ने वेल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

विधानसभा के बाहर समाजवादी पार्टी के लगभग 100 विधायकों ने सोमवार को राज्य विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले लखनऊ में विधानसभा के बाहर उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अखिलेश यादव की पार्टी के नेताओं को "बुलडोजर", "गन्ना बकाया", "बेरोजगारी" और "कानून व्यवस्था" जैसे नारों के साथ तख्तियां लिए हुए देखा गया क्योंकि वे विधानसभा भवन के मुख्य बरामदे में धरने पर बैठे थे।
पुलिसकर्मियों और सपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई नोक झोंक
पुलिस कर्मियों के साथ कहासुनी के बीच विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास विरोध शुरू हो गया। सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव भी पहली बार पार्टी की चिन्हित लाल टोपी पहने हुए विरोध प्रदर्शन में देखे गए। यादव ने संवाददाताओं से कहा कि वे चाहते हैं कि सत्र चले ताकि वे जनहित के मुद्दों को उठा सकें।
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परिषद में भी प्रश्नकाल को लेकर हुआ हंगामा
वहीं दूसरी ओर विधान परिषद में जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई सपा के प्रदेश अध्यक्ष और एमएलसी नरेश उत्तम पटेल ने सभापति को प्रश्नकाल कराने की मांग की। सपा की इस मांग का जवाब देते हुए सभापति ने कहा कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सपा के प्रतिनिधि उपस्थित थे और बैठक में जो कुछ तय हुआ था उसके हिसाब से ही सदन की कार्यवाही चलाई जा रही है और उसमें कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।

सभापति के इस जवाब के बाद नरेश उत्तम लगातार सदन में प्रश्नकाल को कराने की अपने मांग पर अड़े रहे। इस दौरान बीच में परिषद में बीजेपी के नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में कार्यवाही की रूपरेखा को लेकर विमर्श हुआ था। यदि सपा को इससे आपत्ति थी तो उनको उसी दौरान अपनी बात रखनी चाहिए थी। अब सदन में बिना वजह हंगामा करने का कोई तुक नहीं है। केशव के आश्वासन के बावजूद नरेश उत्तम पटेल और सपा के सदस्य लगातार अपनी मांग करते रहे लेकिन सभापति ने उनकी मांग को जब अनसूना कर दिया तो सपा के सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।
सरकार ने पहले कर रखा था पूरा इंतजाम
विरोध तेज होते ही विधायकों की पुलिस कर्मियों से झड़प हो गई। परिसर में तैनात मार्शलों ने सभी मीडियाकर्मियों को जबरन धरना स्थल से हटा दिया। इस प्रक्रिया में कुछ मीडिया फोटोग्राफर्स को भी चोटें आईं। समाजवादी पार्टी द्वारा विधानसभा भवन के बाहर और दोनों सदनों के संयुक्त सत्र के अंदर सरकार विरोधी प्रदर्शन करने की घोषणा के मद्देनजर सुबह विधानसभा परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने शहर के विक्रमादित्य मार्ग पर भी भारी बैरिकेडिंग लगा दी थी, जहां समाजवादी पार्टी का कार्यालय स्थित है।












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