UP Power Crisis: ऊर्जा मंत्री की चेतावनी को ठेंगा दिखाया! आंदोलन कर रहे 1300 से अधिक कर्मचारी निकाले गए

उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। सरकार की चेतावनी के बावजूद हड़ताल के कारण कई इलाकों में घंटों से बत्ती गुल है। नाराज ऊर्जा मंत्री ने 1300 से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया।

UP Power Crisis

उत्तर प्रदेश में बिजली संकट गहराने लगा है। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा की चेतावनी के बावजूद लाखों कर्मचारी विरोध और आंदोलन कर रहे हैं। हड़ताल का असर कितना गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई इलाकों में 24 घंटे से अधिक समय से बत्ती गुल है। जनजीवन अस्त व्यस्त है। सरकार की किरकिरी हो रही है। नाराज ऊर्जा मंत्री ने 1300 से अधिक लोगों को बर्खास्त कर दिया।

1332 कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा

यूपी में पावर स्ट्राइक के बीच बिजली विभाग के कर्मचारियों और ऊर्जा मंत्री का गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। वाराणसी समेत कई इलाके अंधेरे में डूबे हुए हैं। हड़ताली कर्मचारियों ने दबाव में आने से इनकार कर दिया है। सेवाओं के नियमितीकरण, बोनस और अन्य चीजों की मांग को लेकर आक्रोशित कर्मचारियों ने झुकने से इनकार कर दिया है। हड़ताल से भड़के ऊर्जा मंत्री ने बेनतीजा रही बातचीत के बाद संविदा कर्मियों को बर्खास्त कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार 1332 कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।

22 यूनियन नेताओं पर ESMA के तहत कार्रवाई

एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने हड़ताल में भाग लेने वाले 1332 संविदा कर्मियों को बर्खास्त कर दिया है। तो दूसरी तरफ आंदोलन कर रहे बिदली कर्मचारी मांग पूरी होने तक झुकने को तैयार नहीं। शनिवार को यूपी में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दूसरे दिन राज्य सरकार ने 22 यूनियन नेताओं पर Essential Services Maintenance Act, 1968 संक्षेप में (ESMA / एस्मा) के तहत कार्रवाई कर चुकी है। हड़ताली कर्मचारियों के नेताओं के खिलाफ अब तक 29 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।

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    बिजली कटौती से वाराणसी के कई इलाकों में लोग परेशान

    आमने-सामने हैं कर्मचारी और सरकार, चेतावनी बेअसर

    बिजली संकट की गंभीरता को भांपते हुए शनिवार देर शाम यूपी के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने यूपी पावर एम्पलाइज जॉइंट एक्शन फ्रंट के नेताओं से बातचीत की। हालांकि, बातचीत बेनतीजा रही। बातचीत और स्ट्राइक से पहले ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हड़ताल से बिजली आपूर्ति पर मामूली असर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में हड़ताली कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने के लिए चार घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त करने की चेतावनी भी दी। हालांकि, यूपी सरकार का सख्त रूख हड़ताली कर्मचारियों को झुकाने में असफल रहा।

    प्रयागराज, बनारस, कानपुर के कई इलाके अंधेरे में डूबे

    ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के अनुसार सरकार हड़ताली कर्मचारियों से बात करने और काम पर लौटने के लिए उन्हें शांत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उल्लेखनीय है कि यूपी की सभी पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां (DISCOMs) और उत्पादन इकाइयों के कर्मचारी शुक्रवार आधी रात से 72 घंटे की हड़ताल पर चले गए थे। डिस्कॉम के खिलाफ मोर्चा खोलने के कारण बिजली कर्मियों की हड़ताल के कारण ओबरा, अनपरा और पारीछा की उत्पादन इकाइयां ठप पड़ गई हैं। यूपी के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में शनिवार को अंधेरा छा गया। हड़ताल के कारण प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ और कानपुर समेत कई बड़े शहरों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। कई इलाकों के अंधेरे में डूबे होने की खबर है।

    समान काम के लिए वेतन, क्या वादे से मुकरी सरकार?

    सरकार के रूख पर एक सवाल के जवाब में हड़ताली कर्मचारियों के नेता और ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव शैलेंद्र दुबे ने आरोप लगाया कि सरकार ने वार्ता के लिए यूनियन के किसी भी प्रतिनिधि को आमंत्रित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के साथ बिजली कर्मचारी संघ का पूर्व में हुआ समझौता स्पष्ट कहता है कि समान काम के लिए वेतन भी समान मिलेगा, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया।

    बिजली कर्मचारी जेल भरो आंदोलन करेंगे

    संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने पर शैलेंद्र दुबे ने कहा बिजली कर्मचारी नेताओं पर जेनरेशन प्लांट में तोड़फोड़ का आरोप लगाया गया है जो कि सही नहीं है। उन्होंने सरकार को इस आरोप की जांच कराने की चुनौती भी दी। दुबे ने कहा कि शुक्रवार से किसी भी कर्मचारी ने ड्यूटी नहीं संभाली और सरकार अभी भी उन पर कार्यालय में तोड़फोड़ करने का आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी कर्मचारी को गिरफ्तार किया जाता है या दंडित किया जाता है, तो हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर दमनकारी कदम उठाए जा रहे हैं तो बिजली कर्मचारी जेल भरो आंदोलन का आह्वान करेंगे। यूनियन नेता ने कहा कि बर्खास्त कर्मचारियों को वापस लेने के बाद ही बिजली कर्मचारी काम पर लौटेंगे।

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