UP Police Training: प्रदेश के हर थाने में तैनात होंगे 25 नए सिपाही, डीजीपी बोले- कानून व्यवस्था होगी और सुदृढ़
UP Police Training: उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने 60,244 नए सिपाहियों की भर्ती पूरी कर ली है। ये सिपाही ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जल्द ही थानों में तैनात किए जाएंगे।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए प्रत्येक थाने में औसतन 25 अतिरिक्त सिपाही तैनात किए जाएंगे। इससे न केवल पुलिसिंग में तेजी आएगी बल्कि अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।

डीजीपी ने कहा कि नई भर्ती से जुड़े ये आरक्षी आगामी 30 से 40 वर्षों तक प्रदेश की पुलिस व्यवस्था का मजबूत आधार बनेंगे। वे समाज की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएंगे।
ट्रेनिंग होगी सख्त, अधिकारी खुद बनेंगे मिसाल
डीजीपी राजीव कृष्ण ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रशिक्षु सिपाहियों को अपने अनुभवों से प्रशिक्षित करें। उन्होंने कहा कि अफसरों को खुद अनुशासित रहकर उदाहरण पेश करना चाहिए, ताकि नए सिपाही उनसे प्रेरणा ले सकें।
उन्होंने कहा कि अधिकारी न केवल अच्छा आचरण दिखाएं बल्कि वर्दी और परेड के मामलों में भी पूरी तरह गंभीर रहें। साथ ही ट्रेनिंग की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर निगरानी भी जरूरी है।
दक्षता के आधार पर होगा रिकॉर्ड तैयार
प्रशिक्षु सिपाहियों की योग्यताओं और सीखने की क्षमता के आधार पर अलग-अलग श्रेणी बनाई जाएगी। डीजीपी ने निर्देश दिए कि इनकी दक्षता का रिकॉर्ड तैयार कर डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाए, ताकि भविष्य में इनकी तैनाती और जिम्मेदारी तय करने में आसानी हो।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों से बात करते हुए डीजीपी ने पूछा कि ट्रेनिंग में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि यदि ट्रेनिंग सेंटरों से जुड़ा कोई कार्य अन्य विभागों के अधीन है, तो संबंधित विभागों को मिलकर उसे समय पर पूरा करना होगा। इससे ट्रेनिंग सेंटरों की सुविधाएं बेहतर बनेंगी और प्रशिक्षु सिपाहियों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर ट्रेनिंग की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। हर सेंटर की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि हर जगह समान स्तर की ट्रेनिंग सुनिश्चित की जा सके।
महिला सिपाहियों के लिए विशेष प्रबंध
महिला सिपाहियों की ट्रेनिंग को लेकर भी डीजीपी ने जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला प्रशिक्षण केंद्रों में पूरी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार हर सेंटर पर 'विशाखा कमेटी' का गठन अनिवार्य है।
साथ ही, जरूरत के अनुसार महिला ट्रेनिंग सेंटरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और महिला अधिकारियों को समय-समय पर इन सेंटरों का निरीक्षण करना होगा। इससे महिला सिपाहियों को एक सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिल सकेगा।












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