UP Police में आउटसोर्सिंग भर्ती का क्या है सच? हंगामा मचा तो आधी रात में विभाग को देनी पड़ी सफाई

UP Police outsourcing recruitment: उत्तर प्रदेश पुलिस में कुछ पदों पर संविदा पर भर्ती किए जाने पत्र बुधवार रात में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया।

इस मामले में समाजवादी पार्टी के साथ ही अन्य विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा भी पत्र साझा कर सवाल उठाए जाने लगे। खूब हो हल्ला मचा। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान अखिलेश यादव द्वारा दिए गए बयान को भी इस पत्र के साथ वायरल किया गया।

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बात बढ़ी तो इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा सफाई जारी की गई। आधी रात में पुलिस द्वारा यह कहा गया कि यह पत्र गलती से जारी हो गया था। यूपी पुलिस द्वारा जारी बयान में यह भी बताया गया कि इस पत्र को निरस्त कर दिया गया है।

क्या लिखा था पत्र में?
दरअसल, सोशल मीडिया पर जो पत्र वायरल हुआ उसमें लिखा गया कि पुलिस विभाग में दफ्तरों में आउटसोर्सिंग भर्ती पर विचार किया जा रहा है। आउटसोर्सिंग भारतीयों पर राय के लिए एडीजी स्थापना की ओर से सभी एडीजी और पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजा गया।

इसमें सहायक उप निरीक्षक लिपिक, सहायक उप निरीक्षक लेखा और सहायक उप निरीक्षक गोपनीय के पदों पर आउटसोर्सिंग से भर्ती के लिए 17 जून तक राय मांगी गई थी। पुलिस उपमहानिरीक्षक (स्थापना) प्रभाकर चौधरी की ओर से यह पत्र जारी हुआ था।

बुधवार रात में यह पत्र किसी तरह सार्वजनिक हो गया। पत्र जब जानकारी में आया तो विपक्षी दलों के नेताओं समेत युवाओं द्वारा इस सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर शेयर करते हुए सवाल उठाए जाने लगे। देखते ही देखते लोगों द्वारा ऐसे लेकर विरोध प्रकट किया जाने लगा।

आधी रात में यूपी पुलिस ने दी सफाई
मामला जब तूल पकड़ा तो मध्य रात्रि में उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल से मैसेज पोस्ट करते हुए इस पूरे मामले को लेकर सफाई दी गई। यूपी पुलिस द्वारा लिखा गया है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग की व्यवस्था पूर्व से प्रचलित है।

पुलिस द्वारा शेयर किए गए पोस्ट और पत्र में यह भी लिखा गया है कि त्रुटिवश चतुर्थ कर्मचारियों के स्थान पर मिनिस्टीरियल स्टॉफ के लिए जारी पत्र को निरस्त कर दिया गया है। इस प्रकार का कोई भी प्रकरण पुलिस विभाग एवं शासन स्तर पर विचाराधीन नही है। साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा बताया गया कि यह पत्र गलत जारी हो गया है जिसे निरस्त कर दिया गया है।

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