UP Panchayat: अब जनता चुनेगी ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष, जानिए सरकार की योजना
UP Panchayat Chunav: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। योगी सरकार जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव की मौजूदा प्रक्रिया को बदलने पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह चुनाव सीधे जनता से कराए जाने की योजना पर मंथन चल रहा है।
रविवार को मेरठ दौरे पर आए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मीडिया से बातचीत में यह संकेत दिया। उन्होंने बताया कि सरकार स्तर पर इस विषय पर विचार-विमर्श जारी है। हालांकि, अभी तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के लिए जनता से सीधे वोट कराने का प्रस्ताव लंबे समय से उठता रहा है। अब योगी सरकार इसे लेकर ठोस निर्णय की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
जोड़-तोड़ की राजनीति होगी खत्म?
वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जिला पंचायत सदस्य करते हैं, जबकि ब्लॉक प्रमुख का चयन बीडीसी सदस्य करते हैं। इस प्रक्रिया पर लगातार खरीद-फरोख्त के आरोप लगते रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जब तक चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होगी, तब तक सत्ता में पहुंचने के लिए गुटबाजी और सौदेबाज़ी होती रहेगी। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार नया विकल्प तलाश रही है।
महापौर की तर्ज पर हो सकता है पंचायत चुनाव
प्रदेश में पहले महापौर का चुनाव पार्षदों द्वारा किया जाता था। लेकिन बाद में नियम बदले और अब जनता सीधे नगर निगम से लेकर नगर पंचायत तक के अध्यक्ष चुनती है।
सरकार इसी मॉडल को पंचायत स्तर तक लागू करना चाहती है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि सत्ता तक पहुंचने के लिए धनबल और बाहुबल की भूमिका भी कम होगी।
केशव मौर्य ने कहा कि भाजपा पूरी तैयारी के साथ पंचायत चुनाव लड़ेगी। पार्टी गांव-गांव में कमल खिलाने की रणनीति बना रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की जड़ें कार्यकर्ताओं के दम पर मजबूत बनी हुई हैं।
उन्होंने बिजनौर और मेरठ में पार्टी नेताओं के पारिवारिक शोक में शामिल होकर यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा केवल चुनावी पार्टी नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के सुख-दुख की साथी भी है।
सपा पर फिर साधा तीखा निशाना
राजनीतिक बयानबाज़ी में भी केशव मौर्य पीछे नहीं रहे। उन्होंने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी राजनीति से 'सफा' हो जाएगी। उन्होंने सपा के पीडीए मॉडल को 'परिवार डेवलपमेंट एजेंसी' करार दिया।
अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए मौर्य ने कहा कि सत्ता से बाहर रहना उन्हें परेशान कर रहा है। जिस तरह मछली पानी के बिना तड़पती है, वैसे ही अखिलेश सत्ता से दूर रहकर बेचैन हैं।
धीरेंद्र शास्त्री को लेकर सपा प्रमुख के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केशव मौर्य ने कहा कि धर्माचार्यों की दक्षिणा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये विषय न तो किसी पार्टी का है और न सरकार का।
उन्होंने सपा को 'मुद्दाविहीन पार्टी' बताते हुए कहा कि ऐसे बयानों से वह समाप्ति की ओर बढ़ रही है। भाजपा का दावा है कि विपक्ष की रणनीति अब जनता को प्रभावित नहीं कर पा रही है।
केशव मौर्य ने कहा कि 2014, 2017, 2019, 2022 और 2024 में जनता ने भाजपा को भरपूर समर्थन दिया है। अब 2027 के लिए भी जनता तैयार है। विपक्ष मुद्दों के बिना भटक रहा है, जबकि भाजपा संगठनात्मक ताकत से आगे बढ़ रही है।












Click it and Unblock the Notifications