UP Nikay Chunav: Atiq Ahmed के गढ़ में गरजेंगे CM Yogi? BJP बना रही रोड शो का प्लान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 30 अप्रैल को प्रयागराज में रोड शो कर सकते हैँ। खासतौर से योगी के रोड शो के इलाकों का चयन किया जा रहा है। योगी के इस रोड शो के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

Atiq Ahmad: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफिया डॉन अतीक अहमद ओर उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद अब वहां निकाय चुनाव के तहत चुनाव प्रचार ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। पार्टी के नेताओं की माने तो अतीक की हत्या के बाद पहली बार सीएम योगी प्रयाग के चुनावी मैदान में उतरेंगे। पार्टी के सूत्रों की माने तो उनके रोड शो की तैयारी चल रही है। हालांकि अभी इस कार्यक्रम को तय नहीं किया गया हे लेकिन जल्द ही उन क्षेत्रों का चुनाव कर लिया जाएगा जहां उनका रोड शो होगा।
30 अप्रैल को प्रयागराज में योगी का रोड शो?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले 30 अप्रैल को प्रयागराज में रोड शो करने की संभावना है। इस रोड शो के जरिए तीन शहरी विधानसभा क्षेत्रों इलाहाबाद उत्तर, इलाहाबाद दक्षिण और इलाहाबाद पश्चिम में 100 में से 76 वार्डों को कवर करने की कोशिश होगी। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो प्रयागराज में योगी का रोड शो बीजेपी की हिन्दुवादी छवि को बनाए रखने के साथ ही ध्रुवीकरण की कवायद का ही एक हिस्सा है।
उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद होगा CM Yogi का रोड शो
पार्टी के एक नेता ने बताया कि एक बार स्थानीय पार्टी इकाई को शीर्ष नेतृत्व से मंजूरी मिल जाने के बाद मार्ग को अंतिम रूप दिया जाएगा। शहर में चार मई को मतदान होना है। पार्टी का मानना है कि 'ब्रांड योगी' यहां के चुनावी समीकरण पर असर डाल सकता है। खासतौर से मेयर पद और पार्षद पदों के लिए चुनाव लड़ने वाले पार्टी उम्मीदवारों के लिए यह फायदेमंद साबित होगा।
बड़ी जीत सुनिश्चित करने पर फोकस कर रही बीजेपी
पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस बार पार्टी शहरी निकायों के चुनावों में बड़ी जीत सुनिश्चित करने के लिए उन वार्डों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो पार्टी के गढ़ नहीं रहे हैं और साथ ही उन सभी समुदाय के वोटबैंक पर फोकस कर रही है जो भाजपा के पारंपरिक समर्थक नहीं रहे हैं। पार्टी ने बूथ स्तर पर माइक्रो मैनेजमेंट किया है। कई स्तरों पर मतदाताओं को संगठित किया है और प्रयागराज नगर निगम में 100 वार्डों के प्रत्येक वार्ड में 10 सदस्यीय टीम की प्रतिनियुक्ति की है।
पार्ट के नेता और प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने कहा कि,
पार्टी ने उन वार्डों को प्राथमिकता दी है जहां वह नहीं जीत सकी और मुस्लिम बहुल इलाकों में अपने प्रभाव का विस्तार करने के लिए ओवरटाइम काम कर रही है। पहली बार, पार्टी ने तीन मुस्लिम उम्मीदवारों को भी मैदान में उतारा है और लगभग 22-विषम वार्डों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। पार्टी सबका साथ सबका विकास की दिशा में ही आगे बढ़ रही है और सबका भरोसा जीतने की कवायद में जुटी है।
विरोधियों के गढ़ में भी सेंध लगाने की कवायद
दरअसल, केंद्र और राज्य सरकारों की जन कल्याणकारी नीतियों के दम पर अब बीजेपी उन वार्डों पर भी फोकस कर रही है जो कांग्रेस, सपा और बसपा के परंपरागत गढ़ रहे हैं। हालांकि यूपी के राजनीतिक समीक्षकों का यही मानना है कि अतीक की हत्या के बाद सिर्फ प्रयागराज ही नहीं पूरे प्रदेश में ध्रुवीकरण हुआ है और बीजेपी इसका लाभ हर हाल में उठाना चाहेगी।
वरिष्ठ पत्रकार राजीव श्रीवास्तव कहते हैं कि,
योगी के प्रयागराज में रोड शो के कई सियासी मायने निकाले जा सकते हैं। सबसे पहला तो यह कि बीजेपी को ध्रुवीकरण की राजनीति काफी सूट करती है और इसी को बढ़ाते हुए अब योगी का रोड शो प्रयाग में करने की योजना चल रही है। चूंकि इलाहाबाद पश्चिम मुस्लिम बाहुल्य इलाका है तो वहां रोड शो के जरिए सरकार गैर मुस्लिम समुदाय के बीच एक संदेश दे सकती है कि योगी और सरकार दोनों उनके साथ खड़े हैं।












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