UP Nikay Chunav: मुस्लिम कार्ड के अलावा बसपा के पुराने चेहरों पर भी मायावती ने लगाया दांव
बसपा की मुखिया मायावती ने इस बार अयोध्या, झांसी, कानुपर और आगरा में बसपा के पुराने कैडर से जुड़े नेताओं को ही मेयर का टिकट पकड़ाया है। ऐसा कर वह पुराने नेताओं का भरोसा जीतना चाहती हैं।

UP News: उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव के तहत चार मई को पहले चरण का मतदान होना है। इसको लेकर सभी दलों ने अपनी तेयारी शुरू कर दी है। बसपा ने अपनी रणनीति के तहत राज्य की 17 मेयर सीटों में से 11 पर मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों को जीतने के लिए अपने पुराने नेताओं और कोर कैडर पर फोकस कर रही है। पुराने कैडर पर भरोसा जताते हुए मायावती ने आगरा, झांसी, अयोध्या और कानुपर में मेयर का टिकट पकड़ाया है।
दलित-मुस्लिम-पिछड़ों पर फोकस का दावा
बसपा अध्यक्ष मायावती ने पहले ही पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से निकाय चुनावों को 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले के रूप में लेने के लिए कहा है और इसके अनुसार, पार्टी को अपने मूल मतदाताओं दलितों, मुस्लिमों और पिछड़ों की रणानीति पर काम कर रही हैं। हालांकि वरिष्ठ पत्रकार राजीव रंजन कहते हैं कि बसपा मुख्यतौर पर दलित कैडर वाली पार्टी है और इस चुनाव में दलित ही उनकी लिस्ट से बाहर हैं। आप स्वयं देखिए कि 17 सीटों में कितने दलितों को टिकट दिया है पार्टी ने।
बसपा ने चार जगहों पर पुराने नेताओं को बनाया प्रत्याशी
आगरा, झांसी, कानपुर और अयोध्या की मेयर सीटों पर बसपा ने पुराने नेताओं पर भरोसा जताया है। भगवान दास फुले, जिन्होंने पार्टी के संस्थापक दिवंगत कांशीराम के साथ काम किया है साथ ही पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय कर्मचारी महासंघ (BAMCEF) में समन्वयक के रूप में कार्य किया है। झांसी से बसपा के महापौर पद के लिए चुने गए हैं। फुले बसपा के वोट आधार दलितों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
आगरा में दलित समाज को पकड़ाया टिकट
आगरा में पार्टी ने दलित लता वाल्मीकि को मैदान में उतारा है। वह लंबे समय तक बसपा और बामसेफ से भी जुड़ी रही हैं। कानपुर के राम नारायण निषाद जैसे अन्य पुराने सदस्यों के मामले में, जो 1990 के दशक से पार्टी से जुड़े हुए हैं, यह उनके परिवार के सदस्य हैं जिन पर पार्टी ने मेयर चुनाव में दांव लगाया है। उनकी पत्नी अर्चना निषाद कानपुर से बसपा की मेयर प्रत्याशी हैं। अर्चना पिछड़ी जाति से आती हैं।
बसपा की पहली लिस्ट में थे 6 मुस्लिम प्रत्याशी
पिछले हफ्ते, बसपा ने 10 मेयर सीटों (लखनऊ, प्रयागराज, फिरोजाबाद, सहारनपुर, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, मथुरा-वृंदावन, झांसी और मुरादाबाद) के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की थी, जिनमें से छह अल्पसंख्यक समुदाय से थे। वहीं सूत्रों का दावा है बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) की मुखिया मायावती निकाय चुनाव में प्रचार नहीं करेंगी। माना जा रहा है कि वह किसी भी जिले में रैलियों को संबोधित नहीं करेंगी। इस बार नगरीय निकाय चुनाव की पूरी जिम्मेदारी बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल की होगी।
दूसरी लिस्ट में भी पांच मुस्लिम शामिल
वहीं बसपा ने सोमवार को सात अन्य निगमों मेरठ, शाहजहाँपुर, अयोध्या, गाजियाबाद, अलीगढ़ और बरेली में महापौर सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की थी जिनमें से 5 मुस्लिम थे। पार्टी ने क्रमश: अलीगढ़, मेरठ, शाहजहांपुर, बरेली और गाजियाबाद से सलमान शाहिद, हसमत अली, शगुफ्ता अंजुम, यूसुफ खान और निसारा खान को मैदान में उतारा है।












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