UP News: Atiq Ahmed के हत्यारों का नार्को टेस्ट कराएगी UP Police? जानिए इसकी वजहें
उत्तर प्रदेश में पिछले शनिवार को माफिया अतीक और उसके भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद तीन शूटरों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। सही बयान नहीं दे रहे हैं। नार्को टेस्ट कराया जाएगा।

Atiq Ahmed: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अतीक और उसके भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीन आरोपियों मोहित सिंह उर्फ शनि, लवलेश तिवारी और अरुण मौर्य की गिरफ्तारी के लगभग आठ दिन बाद पुलिस लाई डिटेक्टर और नार्को टेस्ट की मांग के लिए अदालत जाने की योजना बना रही है। हालांकि इससे पहले एसआईटी ने तीनों से अतीक और अशरफ की हत्या से जुड़े सभी संभावित साक्ष्य जुटाने के लिए पूछताछ की थी।
तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद प्रतापगढ़ भेज दिया गया
इस बीच, रविवार को पुलिस हिरासत समाप्त होने के बाद तीनों आरोपियों को वापस प्रतापगढ़ जेल भेज दिया गया। प्रयागराज के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) ने 19 अप्रैल को विशेष जांच दल (एसआईटी) को चार दिन की पुलिस हिरासत में सौंप दिया था। जांच से जुड़े वरिष्ठ पुलिस सूत्रों ने कहा कि अपराध के मकसद का पता लगाने के लिए परीक्षण महत्वपूर्ण है क्योंकि वे बार-बार कह रहे हैं कि उन्होंने भाइयों को इसलिए गोली मारी क्योंकि वे "मशहूर" होना चाहते थे।
पुलिस को आशंका- सही बयान नहीं दे रहे आरोपी
सूत्रों ने कहा कि तीनों आरोपियों ने यह भी स्पष्ट रूप से नहीं बताया है कि उन्हें हथियार या मारने की सुपारी किसने मुहैया कराई और वे प्रयागराज कैसे पहुंचे और उन्होंने दोनों गैंगस्टरों को क्यों चुना। पुलिस सूत्रों ने बताया कि तीनों से अलग-अलग टीमों ने अलग-अलग पूछताछ की और फिर साथ लाया, लेकिन पूछताछकर्ताओं को कुछ ठोस हाथ नहीं लगा है। तीनों ने अपने प्रशिक्षण और हथियारों और गोला-बारूद की खरीद के बारे में ब्योरा भी नहीं दिया।
एक आरोपी ने कबूली है जिगाना पिस्टल की बात
सूत्रों ने कहा कि तीनों में से केवल शनि ने खुलासा किया है कि उसने दिसंबर 2021 में दिल्ली कोर्टरूम हमले में मारे गए गैंगस्टर जितेंद्र मान गोगी से जिगाना पिस्टल ली थी। शनि ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह 19 मामलों के साथ हिस्ट्रीशीटर अपराधी गोगी से मिला था। मई 2021 में उससे हथियार प्राप्त किए। शनि ने पुलिस को यह भी बताया था कि तीनों 13 अप्रैल को प्रयागराज पहुंचे और रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में ठहरे। उन्होंने 14 अप्रैल को ही पहली बार मारने की कोशिश की जब दोनों को रिमांड के लिए सीजेएम कोर्ट ले जाया गया था लेकिन लेकिन सुरक्षा ज्यादा होने की वजह से वह इस घटना को अंजाम नहीं दे पाए।
15 अप्रैल को अतीक और उसके भाई की हुई थी हत्या
तीनों ने बाद में अहमद भाइयों को 15 अप्रैल की रात को गोली मार दी, जब उन्हें अनिवार्य कानूनी आवश्यकता के रूप में चिकित्सा परीक्षण के लिए प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल ले जाया जा रहा था। पत्रकारों के वेष में आए तीन हमलावरों ने पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में अतीक और अशरफ को पूरे कैमरे के सामने ब्लैंक प्वाइंट पर गोली मार दी थी। शूटरों ने तुरंत आत्मसमर्पण कर दिया और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।












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