UP News: अब हर जिले में मिलेगा मंच, यूपी सरकार 9 से 16 अक्टूबर तक आयोजित करेगी आठ दिवसीय ट्रेड शो
UP News: उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी स्लैब में कटौती के बाद प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि अक्टूबर में सभी 75 जिलों में आठ दिवसीय ट्रेड शो आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों में उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और नए बाजार तलाशने का अवसर मिलेगा।
खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बताया कि यह ट्रेड शो 9 से 16 अक्टूबर तक चलेंगे। इसमें उद्यमियों को निश्शुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस पहल से स्थानीय उद्योगों को नई पहचान मिलेगी और छोटे कारोबारियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

मंत्री ने कहा कि अब तक इस तरह के आयोजन मंडल स्तर पर होते थे, लेकिन यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की सफलता को देखते हुए इसे जिला स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया गया है। उनका दावा है कि यह कदम एमएसएमई सेक्टर के लिए नई ऊर्जा का काम करेगा।
खादी और ओडीओपी को नया प्लेटफॉर्म
ट्रेड शो में खादी, टेक्सटाइल और ओडीओपी से जुड़े उद्यमी बड़ी संख्या में शामिल होंगे। इसके लिए सभी जिलों में उपयुक्त स्थल तय करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगह मिले।
खादी उत्पादन और शोरूम की संख्या घटने पर भी सरकार ने चिंता जताई है। इस विषय पर विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर्स के साथ लगातार चर्चा की जा रही है ताकि खादी को डिजाइन और तकनीक से जोड़कर युवाओं में लोकप्रिय बनाया जा सके।
युवाओं तक पहुंचेगी खादी
सरकार विश्वविद्यालयों में खादी शोरूम खोलने की योजना पर भी विचार कर रही है। उद्देश्य यह है कि छात्र खादी से जुड़ें और इसे रोजगार तथा उद्यमिता से जोड़कर देखें। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पहल आने वाले समय में खादी उद्योग को नई दिशा दे सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यभार संभालने के बाद खादी को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। प्रधानमंत्री लगातार खादी को फैशन और तकनीक से जोड़ने पर जोर देते रहे हैं। यही कारण है कि आज खादी युवाओं के बीच एक नई शैली के रूप में उभर रही है।
उद्यमियों के लिए बड़ा मौका
सरकार का कहना है कि निश्शुल्क स्टॉल मिलने से छोटे और मझोले उद्यमियों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। अब तक कई व्यापारी सीमित संसाधनों के कारण अपने उत्पादों को प्रदर्शित नहीं कर पाते थे, लेकिन इस पहल से उन्हें बड़ा मंच मिलेगा।
ग्रामीण इलाकों के कारीगर भी इस पहल से लाभान्वित होंगे। उन्हें अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं और बड़े खरीदारों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।












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