Uttar Pradesh News: पीएमश्री योजना से आच्छादित विद्यालयों में लगाया गया 'मीना मेला
Uttar Pradesh News: प्रदेश के उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों में बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को एक दिवसीय 'मीना मेला' का आयोजन किया गया। इस मेले का उद्देश्य अभिभावकों और जनसमुदाय को बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की रचनात्मकता और ऊर्जा का अनोखा प्रदर्शन हुआ, जिसमें स्कूलों में बच्चों द्वारा केक काटा गया और विभिन्न गतिविधियों का आयोजन हुआ।
किशोरियों को सजग और सशक्त बनाने के लिए गठित मीना मंच द्वारा प्रतिवर्ष 24 सितम्बर को 'मीना दिवस' मनाया जाता है। इस अवसर पर बालिकाओं के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर उनकी शिक्षा और सशक्तिकरण के मुद्दों पर जनजागरूकता फैलाई गई।

*अभिभावकों और जनसमुदाय की भागीदारी*
पीएमश्री योजना से आच्छादित विद्यालयों में आयोजित इस 'मीना मेला' में शिक्षकों, मीना मंच की सुगमकर्ताओं, अभिभावकों और जनसमुदाय की सक्रिय भागीदारी रही। बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण पर चर्चा के साथ-साथ विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
*पॉवर एंजिल का सम्मान*
कार्यक्रम के दौरान मीना मंच की सुगमकर्ताओं और पॉवर एंजिल को उनके नेतृत्व और योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
*पैनल चर्चा और सांस्कृतिक कार्यक्रम*
विशेषज्ञों द्वारा बालिकाओं के अधिकार, उपलब्धियों और चुनौतियों पर पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें बालिकाओं ने अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं और विशेषज्ञों ने उनके सवालों का उत्तर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में मीना पर आधारित फिल्म 'मुझे स्कूल अच्छा लगता है' का प्रदर्शन हुआ। इसके अलावा, मीना मंच के बच्चों ने स्वास्थ्य, सुरक्षा, बाल विवाह और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर गीत, नुक्कड़ नाटक और पपेट शो प्रस्तुत किए।
*बालिकाओं की प्रतिभा का प्रदर्शन*
मीना मंच की बच्चियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित स्टॉल लगाए, जहां उनकी रुचियों और कौशल का प्रदर्शन किया गया। 10 टीमें बनाई गईं, जिनमें मीना मंच की 3 सदस्याएं, विद्यालय से पासआउट एक बालिका और एक अभिभावक शामिल थे। इन टीमों ने विज्ञान, गणित और कबाड़ से जुगाड़ जैसे विषयों पर स्टॉल लगाए और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
*स्टॉल के विषय और विशेष आकर्षण*
- विज्ञान और गणित आधारित स्टॉल ने नवाचारों और गणित के आसान ट्रिक्स के माध्यम से बालिकाओं की क्षमताओं को प्रदर्शित किया।
- 'कबाड़ से जुगाड़' स्टॉल पर बच्चों ने जीवनोपयोगी वस्तुएं और शैक्षिक सामग्री तैयार की, जिन्हें काफी सराहा गया।
- जलवायु परिवर्तन, स्वच्छता, पोक्सो कानून और माहवारी स्वच्छता जैसे विषयों पर भी जागरूकता फैलाने के लिए पोस्टर और सामग्री प्रदर्शित की गईं।












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