UP News: अनिरुद्धाचार्य के बयान पर बोलीं सांसद प्रिया सरोज- क्या यही बातें धर्म मंच से सिखाई जाती हैं?

UP News: समाजवादी पार्टी की मछलीशहर से सांसद प्रिया सरोज ने हाल ही में अनिरुद्धाचार्य महाराज के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर धार्मिक मंच से दिए गए विवादित बयान पर सवाल खड़े किए।

प्रिया सरोज ने अपनी पोस्ट में सीधे तौर पर बिना नाम लिए अनिरुद्धाचार्य महाराज पर आरोप लगाया कि वे अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए धार्मिक प्रवचनों का इस्तेमाल कर समाज में तनाव फैला रहे हैं। उन्होंने अनिरुद्धाचार्य महाराज का वीडिया भी शेयर किया है।

priya saroj reaction on aniruddhacharya

इस पोस्ट के बाद ट्विटर और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर बहस तेज हो गई। कुछ यूजर्स ने इसे सच की आवाज बताया तो कुछ ने इसे संत समाज का अपमान करार दिया। वहीं अन्‍य समाजवादी पार्टी के नेता भी अनिरुद्धाचार्य महाराज के बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

बाबा- अखिलेश बहस का नया मोड़

दरअसल, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और अनिरुद्धाचार्य महाराज के बीच पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में अखिलेश यादव ने बाबा से भगवान कृष्ण के पहले नाम को लेकर सवाल किया था।

बाबा ने जवाब में कहा था कि भगवान को मां यशोदा ने 'कन्हैया' नाम से पुकारा था। इस पर अखिलेश ने व्यंग्य करते हुए कहा था कि यहीं से आपका और हमारा रास्ता अलग हो गया। साथ ही उन्होंने बाबा को 'शूद्र' जैसे शब्दों से परहेज करने की नसीहत दी थी।

धार्मिक मंच से सियासी बयानबाज़ी

इसके बाद बाबा ने 16 जुलाई को अपने प्रवचन में नाम लिए बिना पूर्व मुख्यमंत्री पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मैं सच कहता हूं, इसलिए उन्हें मेरा जवाब पसंद नहीं आया। उन्होंने मुझसे कहा कि रास्ते अलग हैं, क्योंकि मैंने मनचाहा उत्तर नहीं दिया।

बाबा ने यह भी जोड़ा कि यही बात वे मुसलमानों से क्यों नहीं कहते कि तुम्हारा रास्ता अलग है, हमारा अलग? इस बयान के बाद माहौल और गरमा गया। सोशल मीडिया पर इस बयान के क्लिप्स वायरल होने लगे और राजनीतिक विश्लेषण भी शुरू हो गया।

प्रिया सरोज ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

प्रिया सरोज ने बाबा के इन्हीं बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने अपने पोस्ट में सवाल किया कि अगर कोई बाबा भगवान का नाम न बता सके, तो क्या उसे सियासत से प्रेरित भाषण देने का हक है? उन्होंने इसे धार्मिक मंच का दुरुपयोग बताया।

सांसद ने संकेत दिया कि कुछ लोग धार्मिक मंच को समाज में भ्रम फैलाने का जरिया बना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की बयानबाज़ी देश की लोकतांत्रिक और सामाजिक एकता के खिलाफ है, और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

सपा समर्थकों का कहना है कि प्रिया सरोज ने जो कहा, वह समाज की सच्चाई है। वहीं दूसरी ओर संत समाज के कुछ अनुयायी इसे अपनी प्रतिष्ठा पर हमला मान रहे हैं। ऐसे में दोनों तरह से कमेंट जारी हैं।

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