ईद से पहले सड़क किनारे नमाज पढ़ने वालों को मेरठ पुलिस का फरमान, कानून उल्लंघन करेंगे तो पासपोर्ट होंगे रद्द
UP News: मेरठ में ईद से पहले पुलिस ने सड़क पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाने का फरमान जारी किया है। प्रशासन ने गुरूवार(27 मार्च) को नमाज़ के खिलाफ़ सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि जो व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेंगे उनपर पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ पुलिस ने 'अनधिकृत' नमाज़ के खिलाफ़ सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि कानून का पालन नहीं करने वालों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। जिसके परिणामस्वरूप उनके पासपोर्ट रद्द किए जा सकते हैं और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं। यह निर्देश ईद-उल-फ़ित्र और 28 मार्च को रमज़ान के आखिरी शुक्रवार की नमाज़ से पहले आया है।

मेरठ के एसएसपी विपिन ताडा ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर रही हैं ताकि "शांतिपूर्ण जश्न" मनाया जा सके। सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने या अशांति भड़काने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़ी नजर रख रहे हैं और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा। सभी संवेदनशील स्थानों पर वर्दीधारी और सादे कपड़ों में अधिकारी को तैनात किया जाएगा ताकि कोई अप्रिय दुर्धटना न हो।
किसी को भी सड़कों पर नमाज़ नहीं पढ़नी चाहिए: पुलिस अधीक्षक
न्यूज एजांसी PTI से बातचीत करते हुए पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह ने कहा किसी को भी सड़कों पर नमाज़ नहीं पढ़नी चाहिए और ईद की नमाज़ स्थानीय मस्जिदों या निर्दिष्ट ईदगाह में अदा की जानी चाहिए। आगे उन्होंने कहा हाल ही में जारी किए गए निर्देश के बारे में नोटिस जारी किए गए हैं और चेतावनी दी गई है कि इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों का पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
पासपोर्ट और लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं
उन्होंने कहा, "पिछले साल, कुछ लोगों ने निर्देशों का उल्लंघन किया और सड़कों पर प्रार्थना की, जिसके कारण 80 से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस बार, नियम का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, तो उसके पासपोर्ट और लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं और कोर्ट से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के बिना नया पासपोर्ट प्राप्त करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसे दस्तावेज तब तक जब्त रहते हैं, जब तक कि व्यक्ति को कोर्ट से बरी नहीं कर दिया जाता।
आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने X पर किया पोस्ट
इस मामले में केंद्रीय मंत्री और आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट करते हुए लिखा- "ऑरवेलियन 1984 की ओर पुलिसिंग!" उन्होंने लिखा। अपने प्रतिष्ठित उपन्यास "नाइनटीन एटी-फोर" में, जॉर्ज ऑरवेल कानून लागू करने वालों या विचार पुलिस के बारे में बात करते हैं जिनके पास अपार शक्तियाँ होती हैं।












Click it and Unblock the Notifications