Women Employees: आउटसोर्स महिला कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! अब बिना सैलरी कटौती के मिलेगा मातृत्व अवकाश
Women Employees News: उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश देने का फैसला किया है। अब इन्हें भी छह महीने का अवकाश मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर कोई असर न पड़े। सरकार नई नीति में इस सुविधा को शामिल कर रही है और इसके तहत ईएसआई व्यवस्था का पालन भी अनिवार्य होगा।
प्रदेश में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी विभिन्न सरकारी विभागों में आउटसोर्स के तहत काम कर रही हैं। अब तक इन्हें मातृत्व अवकाश की सुविधा नहीं मिलती थी, जिससे इन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। सीएम ने इन कर्मचारियों को राहत देने के लिए नई नीति में संशोधन का निर्देश दिया है।

नई नीति में मिलेगी बड़ी राहत
सरकार द्वारा बनाई जा रही नई आउटसोर्स भर्ती नीति में महिला कर्मचारियों के लिए कई सुविधाओं का प्रावधान किया जा रहा है। इसमें मातृत्व अवकाश के अलावा, ईएसआई योजना के तहत चिकित्सा सुविधा भी दी जाएगी। इसके लिए सभी सरकारी विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित नई नीति के तहत, प्रदेश में लगभग 1.92 लाख आउटसोर्स कर्मचारी लाभान्वित होंगे। अब तक, अलग-अलग विभागों में अलग-अलग नियमों के आधार पर भर्ती की जाती थी, लेकिन अब एक नीति लागू की जाएगी। इस नीति का उद्देश्य कर्मचारियों को समान सुविधाएं देना और उनके हितों की रक्षा करना है।
निगम के माध्यम से होगी भर्तियां
सरकार एक नया निगम बनाने की योजना पर काम कर रही है, जिसके माध्यम से भविष्य में सभी आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। इस निगम के जरिए कर्मचारियों को न सिर्फ भर्ती किया जाएगा, बल्कि उनके वेतन और सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा।
नई नीति के तहत महिलाओं को दो बच्चों के जन्म पर कुल 180 दिनों (छह महीने) का अवकाश दिया जाएगा। इस अवकाश के दौरान कर्मचारियों को पूरा वेतन दिया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित न हो।
महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश के अलावा अन्य मेडिकल सुविधाएं भी दी जाएंगी। इनमें बीमार होने पर 91 दिनों तक 70% वेतन सहित अवकाश की सुविधा मिलेगी। वहीं, गंभीर बीमारी की स्थिति में 124 से 309 दिनों तक 80% वेतन दिया जाएगा।
इसके अलावा, यदि किसी महिला कर्मचारी का गर्भपात हो जाता है तो उसे 42 दिनों की विशेष छुट्टी दी जाएगी। कर्मचारियों और उनके परिवार को ईएसआई योजना के तहत प्रदेश के 14 जिलों में स्थित 57 सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर्स में मुफ्त इलाज की सुविधा भी मिलेगी।
विभागों से मांगे गए सुझाव
नई नीति को लागू करने से पहले, सरकार ने विभिन्न विभागों से सुझाव मांगे हैं। खासतौर पर उन विभागों से जिनमें सबसे ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। नगर विकास विभाग इस सूची में सबसे ऊपर है क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में महिला सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं।












Click it and Unblock the Notifications