Indian Railway:अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इन 58 स्टेशनों का दो हजार करोड़ से हो रहा पुनर्विकास, देखें डिटेल

Indian Railway: 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के अन्तर्गत आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर भारतीय रेल के प्रमुख स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। यह योजना दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ स्टेशनों के विकास की परिकल्पना करती है। इसमें ऐसे प्रत्येक स्टेशन पर आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुये स्टेशन तक पहुँचने का मार्ग, सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल, प्रसाधन केंद्र, आवश्यकतानुसार लिफ्ट/एस्केलेटर, निःशुल्क वाई-फाई, 'एक स्टेशन एक उत्पाद' जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के लिये कियोस्क के माध्यम से स्थानीय उत्पादों एवं हस्तशिल्पों को बढ़ावा, बेहतर यात्री सूचना प्रणाली, एग्जीक्यूटिव लाउंज, व्यावसायिक बैठकों के लिये नामांकित स्थान आदि के लिये मास्टर प्लान तैयार कर चरणबद्ध तरीके से उनका कार्यान्वयन किया जा रहा है।

इस योजना में स्टेशन बिल्डिंग में सुधार, नगर के दोनों किनारों के साथ स्टेशन को एकीकृत करने, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, 'दिव्यांगजनों' के अनुकूल सुविधायें, पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था, आवश्यकता के अनुसार 'रूफ प्लाजा', स्टेशनों को सिटी सेंटर के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। देश भर में 1,350 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश के 157 स्टेशन सम्मिलित हैं।

gorakhpur

पूर्वोत्तर रेलवे पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों पर विश्वस्तरीय यात्री सुविधायें उपलब्ध कराने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस योजना में दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ स्टेशनों का विकास किया जा रहा है। इसमें स्टेशन फसाड, सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधायें, प्रसाधन, आवश्यकतानुसार लिफ्ट/एस्केलेटर, चौड़े फुट ओवर ब्रिज (एफ.ओ.बी.), पार्किंग एवं हरित ऊर्जा का उपयोग कर पर्यावरण अनुकूल भवन इत्यादि अत्याधुनिक सुविधाओं में विस्तार हेतु योजना तैयार की गई है तथा चरणबद्ध तरीके से उनका कार्यान्वयन किया जा रहा है। स्टेशनों पर आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुये बेहतर यात्री सूचना प्रणाली, एग्जीक्यूटिव लाउन्ज एवं अन्तर्राष्ट्रीय मानक के साइनेज का प्रावधान आदि सम्मिलित है। पूर्वोत्तर रेलवे पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अन्तर्गत 58 स्टेशनों का पुनर्विकास लगभग रू. 2,000 करोड़ की लागत से किया जा रहा है, जिसमें लखनऊ मंडल के 22, वाराणसी मंडल के 19 तथा इज्जतनगर मंडल के 17 स्टेशन सहित कुल 58 स्टेशन सम्मिलित हैं।

पूर्वोत्तर रेलवे पर गोरखपुर जं, गोमती नगर, बादशाहनगर, ऐशबाग, सीतापुर, बस्ती, मगहर, तुलसीपुर, खलीलाबाद, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, लखीमपुर, बढ़नी, स्वामीनारायण छपिया, रामघाट हाल्ट, बहराइच, गोला गोकरननाथ, मैलानी, लखनऊ सिटी, डालीगंज, गोंडा, आनन्द नगर, वाराणसी सिटी, बनारस, बलिया, आजमगढ़, देवरिया सदर, मऊ, सीवान, बेलथरा रोड, गाजीपुर सिटी, सलेमपुर, कप्तानगंज, भटनी, मैरवा, सुरेमनपुर, थावे, छपरा, एकमा, मसरख, खोरासन रोड, लालकुआँ, कासगंज, फर्रुखाबाद, बरेली सिटी, कन्नौज, काशीपुर, पीलीभीत, बदायूँ, इज्जतनगर, बहेड़ी, हाथरस सिटी, गुरसहायगंज, किच्छा, रामनगर, टनकपुर, काठगोदाम एवं उझानी स्टेशन प्रमुख हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत बादशाहनगर को रू. 31.13 करोड़, ऐशबाग को रू. 24.13 करोड़, सीतापुर को रू. 32.64 करोड़, बस्ती को रू. 17.98 करोड़, मगहर को रू. 6.36 करोड़, तुलसीपुर को रू. 6.88 करोड़, खलीलाबाद को रू. 9.92 करोड़, सिद्धार्थ नगर को रू. 11.18 करोड़, बलरामपुर को रू. 11.98 करोड़, लखीमपुर को रू. 16.36 करोड़, बढ़नी को रू. 15.05 करोड़, स्वामीनारायण छपिया को रू. 12.13 करोड़, रामघाट हाल्ट को रू. 8.02 करोड़, गोला गोकरननाथ को रू. 6.65 करोड़, मैलानी को रू. 17.76 करोड़, लखनऊ सिटी को रू. 8.28 करोड़, डालीगंज को रू. 28.45 करोड़, गोंडा को रू. 49.50 करोड़ एवं आनन्द नगर स्टेशन को रू. 10.28 करोड़, वाराणसी सिटी को रू. 44.98 करोड़, बनारस को रू. 53.33 करोड़, बलिया को रू. 40.47 करोड़, आजमगढ़ को रू. 33.60 करोड़, देवरिया सदर को रू. 44.54 करोड़, मऊ को रू. 48.87 करोड़, सीवान को रू. 51.95 करोड़, बेलथरा रोड को रू. 12.83 करोड़, गाजीपुर सिटी को रू. 16.28 करोड़, सलेमपुर को रू. 11.50 करोड़, कप्तानगंज को रू. 18.91 करोड़, भटनी को रू. 42.62 करोड़, मैरवा को रू. 12.43 करोड़, सुरेमनपुर को रू. 17.50 करोड़, थावे को रू. 11.75 करोड़, एकमा को रू. 7.48 करोड़, मसरख को रू. 12.51 करोड़, खोरासन रोड को रू. 21.03 करोड़, लालकुआँ को रू.
29.78 करोड़, कासगंज को रू. 33.25 करोड़, फर्रुखाबाद को रू. 20.16 करोड़, बरेली सिटी को रू. 10.97 करोड़, कन्नौज को रू. 13.06 करोड़, काशीपुर को रू. 10.78 करोड़, पीलीभीत को रू. 16.74 करोड़, बदायूँ को रू. 5.43 करोड़, इज्जतनगर को रू. 8.35 करोड़, बहेड़ी को रू. 5.52 करोड़, हाथरस सिटी को रू. 2.62 करोड़, गुरसहायगंज को रू. 8.95 करोड़, किच्छा को रू. 6.55 करोड़, रामनगर को रू. 4.43 करोड़, टनकपुर को रू. 15.98 करोड़, काठगोदाम को रू. 16.76 करोड़ तथा उझानी को रू. 3.64 करोड़ की लागत से पुनविकर्सित किया जा रहा है।

पूर्वोत्तर रेलवे के एन.एस.जी.-। श्रेणी में सम्मिलित गोरखपुर जं. स्टेशन को रू. 498.97 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित किया जा रहा है। यहाँ पर स्थानीय सांस्कृतिक विरासत एवं वास्तुकला को समाहित किया गया है। यात्रियों को उच्च स्तरीय सुविधा प्रदान करने के लिये यहाँ रूफ प्लाजा, जहाँ फूड आउटलेट, वेटिंग हॉल, ए.टी.एम. एवं किड्स प्ले एरिया का प्रावधान किया जायेगा। रूफ प्लाजा से प्लेटफॉर्मों तथा प्रवेश एवं निकास द्वार को लिफ्ट एवं एस्केलेटर के माध्यम से कनेक्ट किया जायेगा। गोरखपुर जं. स्टेशन के पुनर्विकास के अन्तर्गत पश्चिमी सिरे से कार्य शुरू हो गया है।

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