UP News: सीएम योगी ने मेघावी छात्र-छात्राओं का किया सम्मान, विकसित भारत को लेकर कही यह बात
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सफलता का एक मात्र सूत्र कठिन परिश्रम है। परिश्रम सही दिशा में होना चाहिए। जीवन में सफलता के लिए शॉर्टकट का प्रयोग कभी भी स्थायी परिणाम तक नहीं पहुंचा सकता। हम क्या हासिल करना चाहते हैं। यह तय करते हुए उस दिशा में किए जाने वाले सार्थक प्रयास से ही हम परिणाम पर पहुंच सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति अपने सभी काम समय पर करता है तो उसी के सामने परिणाम भी आते हैं।
मुख्यमंत्री शनिवार को इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक निजी कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्र सम्मान समारोह के अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न बोर्डों के हाईस्कूल तथा इण्टरमीडिएट के टॉपर छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।

कार्यक्रम में सीएम सर की क्लास में विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से प्रश्न भी पूछे। सीएम योगी ने सभी विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। सीएम योगी ने 2 मेधावी छात्रों को ई-स्कूटी प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने लकी ड्रॉ के माध्यम से भी 3 विद्यार्थियों को ई-स्कूटी प्रदान की।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए अनेक अभिनव प्रयास प्रारम्भ किए हैं। सभी विद्यार्थियों को इनसे जुड़ना चाहिए। राज्य सरकार द्वारा संचालित सरकारी एवं एडेड कॉलेज में अच्छे इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुविधा तथा अच्छे शिक्षकों की तैनाती की गयी है। प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से सैकड़ों करोड़ रुपए अच्छे भवन, लैब तथा लाइब्रेरी बनाने के लिए दिए गए हैं। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सभी जनपदों में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना प्रारम्भ की गई है। इसके तहत प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को फिजिकल और वर्चुअल दोनों माध्यमों से निःशुल्क कोचिंग दी जाती है। इस योजना ने पिछले 3 वर्षों में बहुत अच्छे परिणाम दिए हैं। विद्यार्थियों को उनका लाभ लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थी सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का लाभ लें। अपना लक्ष्य तय करें और उसके लिए निरन्तर परिश्रम करें। विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों तथा अभिभावकों से अपनी बात कहने में संकोच नहीं करना चाहिए। आज उन्हें बहुत अच्छा माहौल प्राप्त हो रहा है। सरकार, स्थानीय प्रशासन, मीडिया तथा समाज का हर तबका इस दिशा में प्रयास कर रहा है और विद्यार्थियों के सहयोग के लिए खड़ा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने नए क्षेत्रों के द्वार खोले हैं। यह नीति भारत को दुनिया का विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने का माध्यम बन सकती है।
सीएम योगी ने आगे कहा कि आज का यह सम्मान समारोह पूरे प्रदेश में हो रहा है। इसे केवल औपचारिक आयोजन नहीं मानना चाहिए। बल्कि इसे चुनौती के रूप में लेना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने सम्मान को बरकरार रखते हुए आगे और क्या अच्छे प्रयास किए जा सकते हैं। इसका आकलन करना चाहिए। विगत 1-2 वर्ष में विद्यार्थियों ने जो मेहनत की है। वह कितनी सार्थक थी। वह और क्या कुछ कर सकते थे। इसका आकलन भी उन्हें करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तनाव को अपने बीच में नहीं आने देना चाहिए। किताबी कीड़ा बनने की आवश्यकता नहीं है। विद्यार्थियों को अपने लिए समय निकालना चाहिए। अपने जीवन में निश्चित दिनचर्या को अपनाएं। नियम-संयम से रहें तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनें। यदि सभी विद्यार्थी अपने काम समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाते हैं तो यह उनके जीवन को अनुशासित बनाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपने पाठ्यक्रम को सहजता और सरलता के साथ पूरा करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षकों को भी अपनी शिक्षण पद्धति में नयापन लाना चाहिए। पाठ्यक्रम को कठिन और उबाऊ बनाने के बजाय सहज और सरल रूप से पढ़ाने के माध्यम खोजने चाहिए। आपकी क्लास सबसे रोचक होनी चाहिए। इस दिशा में शिक्षकों द्वारा कौन से कदम उठाए जा सकते हैं। इसके प्रयास उन्हें करने चाहिए। छोटे-छोटे उद्धरणों, लोकोक्तियों तथा मुहावरों के माध्यम से कक्षा को आसान बनाकर रोचक क्लास में बदला जा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी ने सीएम सर की क्लास के अन्तर्गत विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर भी दिए। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कहा कि हमें चुनौतियों से हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। शालीनता के साथ लक्ष्य को ध्यान में रखकर किए गए परिश्रम से हम मंजिल तक पहुंच सकते हैं। यदि मार्ग में बाधाएं हैं तो यह समझना चाहिए कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सभी विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एग्जाम वॉरियर पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए। जीवन के किसी भी क्षेत्र में यह पुस्तक गाइड का काम कर सकती है।
उन्होंने कहा कि हर अभिभावक की इच्छा होनी चाहिए कि उनका बच्चा अच्छा इंसान बने। उनका बच्चा समाज तथा देश के बारे में जिम्मेदारियों का निर्वहन करना सीख जाए। अच्छा इंसान बनने के लिए घर से ही शुरुआत करने की आवश्यकता है। एक अच्छा इंसान बनकर पीड़ित लोगों के साथ खड़े होने में ही जीवन की सार्थकता है। भौतिक उपलब्धि कभी भी लोगों को संतुष्ट नहीं कर सकती है। एक गरीब की दुआ और आशीर्वाद हमारे जीवन को प्रशस्त करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकता है।
सीएम योगी ने कहा कि यदि भारत को प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप वर्ष 2047 में विकसित राष्ट्र बनाना है तो हमें अपने कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करने का प्रयास करना चाहिए। भारत ने दुनिया को विपरीत परिस्थितियों में नेतृत्व दिया है। हमें भी अपने आपको तैयार करना होगा। देश और समाज के लिए समर्पित टीम की आवश्यकता है। जो बिना भेदभाव तथा लाभ-हानि की चिंता किए बगैर लक्ष्य प्राप्ति के लिए आगे बढ़ सके। हमारी युवा शक्ति इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकती है।












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