UP MSME योजना: नोएडा में फ्लैटेड फैक्टरी से छोटे व्यवसायों को मिलेगी बड़ी रफ्तार, बढ़ेंगे रोजगार के साधन
UP MSME factory: उत्तर प्रदेश सरकार अब सिर्फ नीतियों की बात नहीं कर रही, बल्कि ज़मीन पर मजबूत कदम बढ़ा रही है। प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर को नई उड़ान देने के लिए ग्रेटर नोएडा में बहुमंज़िला और आधुनिक 'फ्लैटेड फैक्टरी' परिसर की योजना तैयार है।
इस फ्लैटेड फैक्टरी का निर्माण यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा कराया जाएगा। इसका मकसद छोटे और मझोले उद्योगों को एक ही छत के नीचे सभी जरूरी सुविधाएं देना है, जिससे उत्पादन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

लगभग 125 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को 24 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। निर्माण प्रक्रिया का मास्टर प्लान तैयार हो रहा है और जल्द ही ज़मीन पर कार्य शुरू होने की उम्मीद है। यह कदम क्षेत्रीय विकास की दिशा में बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
एमएसएमई को मिलेगा एक छत के नीचे आधुनिक सुविधा केंद्र
फ्लैटेड फैक्टरी परिसर ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 28 में विकसित किया जाएगा। यह बहुमंज़िला इमारत 38,665 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली होगी और इसमें दर्जनों एमएसएमई इकाइयों के लिए तैयार स्थान होंगे।
इस तरह की बहुउद्देशीय फैक्ट्रियां छोटे उद्योगों को बड़े निवेश के बिना गुणवत्तापूर्ण ढांचा मुहैया कराती हैं। इससे नए उद्यमियों के लिए भी बिज़नेस शुरू करना सरल और कम लागत वाला होगा।
EPC मोड पर होगा निर्माण, पूरी परियोजना होगी हाईटेक
यह पूरी परियोजना EPC यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन मोड पर विकसित की जाएगी। इससे निर्माण प्रक्रिया पारदर्शी, तेज़ और गुणवत्तापूर्ण बनेगी।
इस परिसर में जल आपूर्ति, बिजली, अग्निशमन प्रणाली, एलिवेटर, वेंटिलेशन सिस्टम जैसी सभी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उद्योगों का संचालन कहीं अधिक कुशल और सुरक्षित हो सकेगा।
रोजगार भी मिलेगा, निवेश भी बढ़ेगा
यह फ्लैटेड फैक्टरी परिसर जहां एक ओर उद्योगों को गति देगा, वहीं युवाओं के लिए नए रोजगार भी लाएगा। स्थानीय स्तर पर स्किल्ड मैनपावर की मांग बढ़ेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास और आर्थिक मजबूती संभव होगी।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से नोएडा और ग्रेटर नोएडा की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और प्रदेश में औद्योगिक विकास की रफ्तार और तेज़ होगी।
यह फ्लैटेड फैक्टरी केवल तकनीकी रूप से आधुनिक नहीं होगी, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी मजबूत होगी। परिसर की डिजाइन को ईको-फ्रेंडली बनाया जा रहा है।
यहां सौर ऊर्जा, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और ग्रीन बिल्डिंग मानकों को ध्यान में रखकर निर्माण होगा। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, एक्सेस कंट्रोल और अन्य स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।
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