क्या सच में मेरठ पुलिस ने शिक्षक की बाइक में तमंचा रख उसे फंसाया और फिर किया गिरफ्तार, जानिए हकीकत
UP Meerut Police News: उत्तर प्रदेश के शहर मेरठ में एक कोचिंग सेंटर शिक्षक को हथियार तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया और हिरासत में रखा गया। पुलिस ने शिक्षक की मोटरसाइकिल से एक पिस्तौल बरामद की थी। जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई।
इस मामले ने तूल तब पकड़ा, जब शिक्षक के परिवार वालों ने पुलिस पर ही शिक्षक को फंसाने का आरोप लगाया। परिवार का दावा है कि कथित तौर पर शिक्षक के बाइक में पुलिसकर्मी ने ही बंदूक रखी थी। हालांकि अब मेरठ पुलिस ने मामले का पूरा सच बता दिया है।

15 घंटे बाद शिक्षक को किया गया रिहा!
पुलिस पर आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार ने बताया था कि पुलिस ने शिक्षक को फंसाने के लिए घर पर ही खड़ी उसकी बाइक में तमंचा रखा था। और उसे गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया था। शिक्षक का परिवार रातभर आइजी आफिस के गेट पर इंसाफ के लिए गिड़गिड़ाता रहा। शिक्षक की बहन पूरी रात मेरठ के पुलिस महानिरीक्षक के घर के बाहर बिताई और 15 घंटे बाद उस व्यक्ति को जाने दिया गया।
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पुलिस को किया गया लाइन हाजिर
शिक्षक के परिवार का क्षेत्र के एक अन्य परिवार के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था, और दो कांस्टेबलों ने कथित तौर पर सबूत छिपाए और दूसरे परिवार के कहने पर शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। कांस्टेबलों को पुलिस लाइन में स्थानांतरित कर दिया गया है और जांच जारी है।
जानिए क्या है पूरी घटना...!
मंगलवार 26 सितंबर की रात करीब 8 बजे मेरठ जिले के खरखौदा में कोचिंग सेंटर टीचर अंकित त्यागी के घर के गेट से दो पुलिसकर्मी अंदर घुसे। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में उनमें से एक को घर के अंदर खड़ी बाइक पर पिस्तौल लगाते हुए देखा गया है। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मी अंदर पढ़ रहे अंकित को पकड़ लेते हैं और उसे बाहर निकाल देते हैं। फिर उन्हें बाइक से पिस्तौल बरामद करते हुए दिखाते हैं।
अंकित को खरखौदा थाने ले जाया गया, जहां पुलिसकर्मियों ने दिखाया कि उसके पास से पिस्तौल बरामद हुई है। उन्होंने शिक्षक को हथियार तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
अंकित की बहन राखी, अपने नवजात शिशु को गोद में लेकर, वीडियो के साथ मेरठ के पुलिस महानिरीक्षक के कार्यालय पहुंची, और उसे इसे दिखाने की अनुमति देने की गुहार लगाई, लेकिन अनुमति देने से इनकार कर दिया गया। वह पूरी रात वहां इंतजार करती रही, इस उम्मीद में कि चूंकि आईजी का घर भी उसी परिसर में है। लेकिन उनसे मिलने का मौका नहीं मिला।
शिक्षक की बहन ने लगाए आरोप
अंकित की बहन राखी ने कहा, "दो पुलिसकर्मी हमारे घर आए। मेरे छोटे भाई को फर्जी मामले में फंसाया गया है। पहले उन्होंने बाइक पर पिस्तौल रखी और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया।"
बुधवार सुबह करीब 11 बजे आखिरकार राखी को आईजी से मिलने की इजाजत मिल गई। उसने शिकायत दर्ज की, वीडियो पेश किया और उसके कुछ समय बाद अंकित को जाने दिया गया। एसपी (ग्रामीण) कमलेश बहादुर सिंह ने कहा, "पुलिसकर्मियों के व्यवहार में कुछ संदिग्ध लग रहा है। हम जांच कर रहे हैं।"
मेरठ पुलिस ने बताया सच
मेरठ पुलिस ने ट्वीट कर कहा है कि, थाना किठौर पुलिस पर एक वादी के द्वारा आरोप लगाया गया है कि "पुलिसकर्मी ने खुद गांव में स्कूटी में तमंचा रखवाया और पैसे की मांग की गई " के संदर्भ में प्राथमिक जांच की गई है, सीसीटीवी फुटेज देखा गया। स्पष्ट तौर पर सीसीटीवी फुटेज में किसी भी पुलिसकर्मी के द्वारा स्कूटी में अवैध हथियार नहीं रखा गया है और न कोई पुलिसकर्मी स्कूटी के नजदीक गया है। यह पूर्ण घटनाक्रम सीसीटीवी में कैद है। सीसीटीवी को पुलिस द्वारा कब्जे में लेकर सुरक्षित किया गया है। जिसमें कि स्कूटी भी दिख रही है। इसलिए यह आरोप कि थाना किठौर के किसी पुलिसकर्मी के द्वारा कोई अवैध हथियार रखा गया पूरी तरह गलत है। अन्य आरोप कि पैसे मांग आदि के संबंध में अलग से छानबीन की जा रही है ।












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