UP Mango Festival 2026: सिर्फ 9% रकबे पर 26% उत्पादन, CM योगी ने बताया- आम में यूपी नंबर-1 क्यों?
UP Mango Festival 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आम महोत्सव 2026 का भव्य उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने राज्य की आम खेती की ताकत पर गर्व जताते हुए कहा कि UP में देश के कुल आम उत्पादन का 26 प्रतिशत हिस्सा आता है, जबकि आम की खेती के लिए इस्तेमाल होने वाली कुल जमीन का सिर्फ 9 प्रतिशत ही यहां है।
तीन दिवसीय इस महोत्सव में पूरे प्रदेश से आम की 800 से ज्यादा किस्में प्रदर्शित की गई हैं। दशहरी, लंगड़ा, चौसा, रटौल, आम्रपाली, नूरजहां, लालिमा, बनाना, याकूती और 'मोदी मैंगो' जैसी दुर्लभ किस्में लोगों को आकर्षित कर रही हैं। महोत्सव न सिर्फ आम प्रेमियों के लिए, बल्कि किसानों, निर्यातकों और फूड प्रोसेसिंग उद्योग के लिए भी बड़ा प्लेटफॉर्म साबित हो रहा है।

UP आम उत्पादन में क्यों नंबर 1?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जब देश में आम की बात आती है तो उत्तर प्रदेश की अपनी अलग जगह है। राज्य में आम की खेती का रकबा देश के कुल रकबे का महज 9% है, फिर भी उत्पादन में 26% का योगदान है। यह आंकड़ा UP के किसानों की मेहनत, मिट्टी की उपजाऊ क्षमता और सरकार की कृषि नीतियों का नतीजा है।
प्रमुख किस्में कौन-कौन सी?
- मलिहाबाद का दशहरी (GI टैग प्राप्त, वैश्विक ब्रांड)
- वाराणसी-गोरखपुर का लंगड़ा
- बागपत-सहारनपुर का रटौल
- बस्ती का आम्रपाली
- अन्य: नूरजहां, लालिमा, बनाना, याकूती आदि
सीएम ने कहा कि हर किस्म अपनी मिट्टी की खुशबू और क्षेत्रीय मिठास को दर्शाती है।
आर्थिक पक्ष: एक एकड़ से 2.5 लाख की शुद्ध आय
मुख्यमंत्री ने आम की खेती को आर्थिक रूप से मजबूत बताया। उन्होंने कहा कि एक एकड़ में आम की खेती से किसान लगभग 2.5 लाख रुपये की शुद्ध आय कमा सकता है। अगर वैल्यू एडिशन (जूस, पल्प, अचार, जैम) और निर्यात को जोड़ा जाए तो आय कई गुना बढ़ सकती है।
महोत्सव में आम से बने उत्पाद में अचार, जूस, पल्प, रसगुल्ला, जलेबी, आमवट आदि शामिल रहे। यह किसानों को प्रोसेसिंग का महत्व समझाने का अच्छा माध्यम है।
GI टैग और ब्रांडिंग: दशहरी अब ग्लोबल ब्रांड
मलिहाबाद के दशहरी आम को GI टैग मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसे 'काकोरी' ब्रांड नाम से भी प्रमोट किया जा रहा है। यह नाम 1925 के काकोरी ट्रेन एक्शन के शहीदों के सम्मान में रखा गया है। सीएम योगी ने कहा कि इसमें किसानों की मेहनत की मिठास के साथ देश के प्रति समर्पण की भावना भी शामिल है।
निर्यात बढ़ाने के प्रयास
UP सरकार ने आम निर्यात को बढ़ावा देने के लिए चार आधुनिक मैंगो पैक हाउस बनाए हैं। इसमें सहारनपुर, लखनऊ, अमरोहा और वाराणसी शामिल है। इनकी मदद से UP के आम अब UK, UAE, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर और रूस जैसे देशों में पहुंच रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) पर एक इंटीग्रेटेड टेस्टिंग एंड ट्रीटमेंट पार्क बनाया जाएगा, ताकि कृषि उत्पादों का निर्यात और आसान हो सके।
महोत्सव का मकसद: किसान से खरीदार तक सीधा कनेक्शन
यह महोत्सव किसानों के लिए अपनी उपज प्रदर्शित करने और खरीदार-विक्रेता बैठकों (Buyer-Seller Meet) का मंच है। यहां FPO, स्वयं सहायता समूह, वैज्ञानिक और मशीनरी सप्लायर्स भी मौजूद हैं। प्रवेश पूरी तरह निशुल्क है। महोत्सव सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जो महोत्सव को और आकर्षक बना रहे हैं। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, अवनीश कुमार अवस्थी समेत कई मंत्री मौजूद रहे।
AI फार्मिंग और केमिकल-मुक्त उत्पादन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि UP का आम केमिकल-मुक्त और गुणवत्ता वाला होना चाहिए। उन्होंने AI आधारित फार्मिंग, बेहतर पैकेजिंग और ग्लोबल स्टैंडर्ड पर जोर दिया। 'वोकल फॉर लोकल" अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।
UP की आम खेती: कुछ रोचक तथ्य
- UP देश का सबसे बड़ा आम उत्पादक राज्य
- मलिहाबाद (लखनऊ): दशहरी का गढ़
- सहारनपुर, बागपत: रटौल की मिठास
- वाराणसी-गोरखपुर: लंगड़ा का स्वाद
- कुल उत्पादन में 26% हिस्सेदारी
- निर्यात में लगातार वृद्धि
महोत्सव का व्यापक प्रभाव
यह महोत्सव सिर्फ आम दिखाने तक सीमित नहीं है। यह किसानों की आय बढ़ाने, निर्यात प्रमोट करने, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा देने और 'एक जिला-एक उत्पाद' जैसी योजनाओं को मजबूत करने का मंच है।













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