Seerat Kaur Dhillon कौन है? पति के सिर में मारी गोली-BMW में ठूंसी लाश, बेटे ने खोली पोल-8 साल बाद उम्रकैद
Mohali Suitcase Murder Case Update: पंजाब में मोहाली के दिल दहलाने वाले ऐकोम सिंह ढिल्लों हत्याकांड में 8 साल बाद हत्यारोपि पत्नी को उम्र कैद की सजा सुनाई गई। जिसने पहले अपने पति की कथित तौर पर सिर में गोली मारकर हत्या की। उसके बाद, शव को सूटकेस में ठूंसकर BMW कार के बूट में रखकर ठिकाने लगाने की कोशिश की। लेकिन एक ऑटो ड्राइवर की सूझबूझ और बेटे की गवाही ने पूरे राज को खोल दिया।
आठ साल लंबे मुकदमे के बाद मोहाली की अदालत ने पत्नी को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुना दी। साथ में 90,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। आइए विस्तार से जानते हैं कि क्यों और कैसे एक हाई-प्रोफाइल हत्याकांड सुर्खियों में छाया रहा...

Seerat Kaur Dhillon Life Imprisonment: क्या हुआ था उस रात?
19 मार्च 2017 की रात। मोहाली के फेज-3B1 में पति ऐकोम सिंह ढिल्लों (37) और सीरत कौर ढिल्लों के घर में तीखी बहस चल रही थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सीरत की किसी अन्य व्यक्ति से दोस्ती को लेकर घरेलू कलह बढ़ गई थी। गुस्से में सीरत ने लाइसेंसी 9mm पिस्टल निकाली और पति के सिर में गोली मार दी।
ऐकोम सिंह ढिल्लों (Aikom Singh Dhillon) की चीखें उनके बेटे ने सुनीं, जो बगल वाले कमरे में था। फिर गोली की आवाज आई। बेटा बाहर नहीं निकल सका क्योंकि दरवाजा बंद था। जब सीरत उसके कमरे में आई, तो बेटे ने पूछा भी, लेकिन सीरत ने जवाब में उसे सो जाने को कहा।

6 फीट का पति ढाई फीट के सूटकेस में पैक, BMW से चली ठिकाने लगाने
20 मार्च की सुबह सीरत ने शव को एक बड़े सूटकेस में ठूंस लिया। फिर ऑटो-रिक्शा चालक तुल बहादुर को बुलाया और सूटकेस को अपनी BMW कार के बूट में रखवाने की कोशिश की। लेकिन, सूटकेस से खून रिस रहा था। ड्राइवर को शक हुआ और उसने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया। पुलिस पहुंची, सूटकेस खोला तो अंदर ऐकोम का शव था। सीरत को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया।
बेटे ने खोली मां की पोल, सबसे अहम गवाही
मुकदमे के दौरान सबसे दिल दहला देने वाली गवाही उनके नाबालिग बेटे की थी। 14 साल की उम्र में उसने अदालत में बताया कि घटना से एक दिन पहले परिवार सोहाना के गुरुद्वारे गया था। वहां पिता ने मां से कहा था कि वो अपनी सहेली से मिलना छोड़ दे, लेकिन सीरत ने इनकार कर दिया।

रात को घर लौटने के बाद माता-पिता में जोरदार बहस हुई। बेटे ने पिता की चीखें और गोली की आवाज सुनी। उसकी गवाही ने बचाव पक्ष के 'आत्महत्या' वाले दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। परिवार की घरेलू सहायिका ने भी गवाही दी कि उसने सीरत को खून के धब्बे साफ करते देखा था।
अदालत का फैसला: क्यों मिली उम्रकैद?
अदालत ने सीरत को IPC धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराया और उम्रकैद के साथ 50,000 रुपये जुर्माना लगाया। धारा 201 (साक्ष्य नष्ट करने) के तहत 3 साल कैद और 20,000 रुपये जुर्माना। आर्म्स एक्ट के तहत भी 3 साल कैद + 20,000 रुपये जुर्माना लगाय। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। सीरत मार्च 2017 से ही जेल में है, इसलिए सजा की अवधि उसी दिन से गिनी जाएगी।
Who Is Seerat Kaur Dhillon: सीरत कौर ढिल्लों कौन है?
सीरत कौर ढिल्लों मोहाली की एक पढ़ी-लिखी, साधारण दिखने वाली महिला थीं। बाहर से देखने में वे एक अच्छी पत्नी और मां लगती थीं। लेकिन घर के अंदर की कहानी कुछ और थी। पति ऐकोम व्यवसायी थे। दोनों के दो बच्चे थे, एक बेटा और एक बेटी। पुलिस जांच में सामने आया कि सीरत की किसी अन्य व्यक्ति से दोस्ती को लेकर पति-पत्नी में लगातार विवाद चलते रहते थे। यही विवाद आखिरकार हत्या तक पहुंच गया।
बचाव पक्ष का तर्क: आत्महत्या का दावा
सीरत के वकील ने दावा किया कि ऐकोम ने आत्महत्या की थी। लेकिन अदालत ने इस दावे को खारिज कर दिया। फॉरेंसिक रिपोर्ट, गन की स्थिति, बेटे की गवाही और सूटकेस वाली घटना ने बचाव पक्ष को कमजोर कर दिया। पूरे पंजाब और आसपास के इलाकों में इस केस की चर्चा रही। लोग अक्सर पूछते थे कि एक मां अपने बच्चों के पिता को कैसे मार सकती है?
घरेलू हिंसा और रिश्तों की सच्चाई
यह केस हमें कई सवालों पर सोचने पर मजबूर करता है। पति-पत्नी के बीच विश्वास टूटने पर रिश्ता कहां तक जा सकता है? बच्चों के सामने होने वाला विवाद उनके पूरे भविष्य पर क्या असर डालता है? आज भी कई घरों में ऐसे "साइलेंट" विवाद चल रहे हैं, जो कभी-कभी हिंसा में बदल जाते हैं।













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