UP: दिल्ली की तर्ज पर अब यूपी में भी होगा International Trade Fair का आयोजन, तैयारी में जुटी Yogi सरकार
International Trade Fair का आयोजन अब यूपी में भी होने जा रहा है। सरकार ने इसका खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि सितम्बर में ग्रेटर नोएडा में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

Uttar Pradesh: दिल्ली के प्रसिद्ध भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले की तर्ज पर उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने शिल्प और उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने के लिए 21 से 25 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार शो () आयोजित करने का फैसला लिया है। सरकार ने इसका खाका तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। शासन में बैठे उच्च पदस्थ सूत्रों की माने तो इस आयोजन में यूपी के ओडीओपी प्रोडक्टस को शामिल किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में 5 दिनों तक चलेगा आयोजन
गेटर नोएडा में पांच दिनों तक चलने वाले इस आईटीएफ में सरकार अपनी "प्रतिभा, संस्कृति, संसाधनों और क्षमता को देश में सबसे तेजी से बढ़ते राज्य के रूप में प्रदर्शित करेगी। इसमें बड़ी संख्या में बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) और बिजनेस-टू-कंज्यूमर (बी2सी) खरीदार शामिल होंगे।
2000 से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद
एक अधिकारी ने कहा, इसमें बड़ी संख्या में कम्पनियों के भाग लेने की उम्मीद है। यूपी के 2,000 से अधिक निर्माताओं और निर्यातकों के इस आयोजन में भाग लेने की उम्मीद है, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 40 क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
MSME की तरफ से आयोजित होगा कार्यक्रम
MSME विभाग और इंडिया एक्सपोज़िशन मार्ट लिमिटेड (IEML) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी और गणेश की मूर्तियाँ, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन, आजमगढ़ के ब्लैक पॉटरी जैसी 'एक जिला-एक उत्पाद' योजना के तहत यूपी के पारंपरिक शिल्प को प्रदर्शित किया जाएगा। कन्नौज के इत्र, बांदा और वाराणसी के रेशम उत्पाद और लखनऊ की चिकनकारी कढ़ाई को इसमें शामिल किया जाएगा।
दिल्ली में शुक्रवार को हुआ रोड शो
कार्यक्रम से पहले, एमएसएमई विभाग ने शुक्रवार को दिल्ली में एक रोड शो आयोजित किया, जहां उन्होंने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव, एमएसएमई अमित मोहन प्रसाद ने इस अयोजन के बारे में कहा कि ओडीओपी के साथ-साथ उन महिला उद्यमियों को भी विशेष वरीयता दी जाएगी, जिन्होंने हाल ही में अपने स्टार्टअप के माध्यम से खुद को स्थापित किया है।
ट्रेड शो का ये है मकसद
MSME सचिव प्रांजल यादव ने कहा कि, ट्रेड शो का उद्देश्य यूपी के व्यापारियों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाना और उन्हें अपने उत्पादों को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने में सक्षम बनाना है। यह एक हाइब्रिड ट्रेड शो होगा, जिसमें बी2बी और बी2सी दोनों पहलुओं को शामिल किया जाएगा। यह सार्थक व्यापार चर्चा और लेनदेन की अनुमति देगा, साथ ही व्यापारियों के लिए ग्राहकों को सीधे अपना सामान बेचने के अवसर भी पैदा करेगा।
इंटरनैशनल ट्रेड शो में 40 क्षेत्रों पर फोकस
इंटरनैशनल ट्रेड शो में यूपी सरकार 40 सेक्टर्स पर फोकस करेगी। तरह-तरह के स्टॉल व अन्य राज्य के विकास से जुड़े चुनिंदा क्षेत्रों की जानकारी खरीदारों को प्रदान की जाएगी। सरकार का फोकस सूक्ष्म और लघु उद्यम, डिजिटली करण को बढ़ावा देने के लिए क्रेडिट गारंटी योजना, नमामि गंगे जल शक्ति, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, यूपी पावर कॉर्पोरेशन, आईटी और स्मार्ट सिटी मिशन, नेशनल एससी/एसटी हब स्कीम, खादी ग्रामोद्योग विकास योजना, इंटर शहरी विकास योजना, उप्र पुलिस संघ, खेल क्षेत्र, मत्स्य एवं पशु पशुपालन, राजमार्ग और औद्योगिक पार्क विकास प्राधिकरण, ई-कॉमर्स और बैंकिंग, यूपीएसआईडीसी नाल निगम योजना, शिक्षा क्षेत्र, रक्षा गलियारा को शामिल किया गया है।
कलाकार भी होंगे सम्मानित
प्रदेश की लगातार बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित करने के साथ ही योगी सरकार उन कलाकारों को सम्मानित करेगी जिन्होंने राज्य की कला और संस्कृति को ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। साथ ही कार्यक्रम के दौरान पद्म पुरस्कार विजेताओं और शिल्प गुरुओं को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। अलग-अलग स्टालों पर राज्य के सभी 75 जिलों की वस्तुओं को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे एक जिला, एक उत्पाद योजना की उपलब्धि को दिखाया जा सके।












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