'वन नेशन वन इलेक्शन' की योगी सरकार ने की सिफारिश, कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से प्रस्तावित 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की संकल्पना को उत्तर प्रदेश से समर्थन मिल गया है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बनाई गई सात सदस्यीय कमेटी ने मंगलवार को रिपोर्ट सौंपी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में सभी चुनाव वर्ष 2029 में एक साथ कराने की सिफारिश की है। समिति ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी। इस प्रस्ताव की सूचना यूपीसीएम के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट दे दी गई। पीएम मोदी के इस अभियान के इससे पहले नीतीश कुमार अपना समर्थन दे चुके हैं।

'वन नेशन-वन इलेक्शन' के आधार पर लोकसभा, विधानसभा, पंचायत चुनाव
इस ट्वीट में लिखा था कि, 'वन नेशन-वन इलेक्शन' के आधार पर लोकसभा, विधानसभा, पंचायत और नगर निकायों के चुनाव एक साथ हों, हम ये सिफारिश उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से भारत सरकार को भेज रहे हैं। कमेटी द्वारा दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले लोकसभा और प्रदेशों के चुनाव एक साथ कराए जाएं। इसके बाद में इसमें स्थानीय निकाय चुनावों और पंचायत चुनावों को शामिल किया जाए। रिपोर्ट में कहा गया कि इस कदम से विकास कार्यों में रूकावट नहीं आएगी, साथ ही चुनाव का खर्च भी घटेगा।

कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह की कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट
इस 23 पन्नों की रिपोर्ट सौंपने वाली सात सदस्यीय समिति का अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह बनाया गया था। सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा, 'उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जो पंचायत स्तर तक के सभी चुनावों को एक साथ करवाने पर राष्ट्रीय स्तर पर विमर्श कराने के प्रधानमंत्री के विचार को आगे बढ़ा रहा है। हमने इसका अध्ययन किया और पाया कि यह संभव हो सकता है।' रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'हम इस रिपोर्ट को केंद्र को भेज रहे हैं और यह जनता के व्यापक हित में काफी अच्छा कदम होगा।'

नए प्रारूप के चुनाव में केवल एक मतदाता सूची होनी चाहिए
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक ही समय में होने वाले सभी चुनावों के लिए एक अभियान शुरू किया है, ताकि हम केवल चुनावों पर बार-बार खर्च ना करना पड़े। उन्होंने कहा कि नए प्रारूप के चुनाव में केवल एक मतदाता सूची होनी चाहिए। हमने इस संबंध में यूपी में स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत एक टीम का गठन किया और उनसे पूछा कि क्या यह केवल एक चुनाव आयोजित करना संभव है और आधार कार्ड को मतदाताओं की सूची लिंक करना संभव है, ताकि नए मतदाता स्वचालित रूप से 18 वर्ष के बाद मतदाताओं की सूची में जोड़े जाए।












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