DDU University: राज्यपाल ने साइकिल यात्रा को दिखाई हरी झंडी, महिलाओं, युवाओं से की यह खास अपील
UP Governor Anandiben Patel News DDU University Gorakhpur: राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल यात्रा को रवाना किया, जो विभिन्न विषयों पर जागरूकता फैलाने के साथ 3 दिन में सैकड़ो किलोमीटर की यात्रा करते हुए लौटेंगे.
साइकिल यात्रा के संदर्भ में कुलाधिपति ने बड़ा विजन रखते हुए बताया कि लाल चौक पर तिरंगा फहराने की चुनौती को स्वीकार करते हुए 26 जनवरी की सुबह 9:00 बजे अटल बिहारी वाजपेई ने पूरे स्वाभिमान के साथ निर्भय होकर तिरंगा फहराया. यह साहसिक व ऐतिहासिक सुफल 45 दिनों तक चली भारत को जोड़ने वाली सुदीर्घ यात्रा का परिणाम थी. उस पूरी यात्रा का आयोजन मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किया था. ध्यान देने वाली बात है तब लाल चौक पर तिरंगा फहराया गया और आज तेजी से विकसित हो रहा कश्मीर हमारे सामने है. परिवर्तन का बीज यात्राओं में निहित होता है. जो राष्ट्रवादी युवा हैं वही परिवर्तन कर सकते हैं, तेरा-मेरा करने वाले नहीं. देशभक्ति से ओत-प्रोत लोग ही देश बना सकते हैं. यह साइकिल यात्रा सामान्य लग सकती है, किंतु इसका लक्ष्य बड़ा एवं पुनीत है. यह यात्रा समाज में बुनियादी परिवर्तन के रचनात्मक व सार्थक लक्ष्यों को लेकर निकली है.

*महिला सशक्तिकरण एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस*
महिला सशक्तिकरण एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को संदर्भित करते हुए कुलाधिपति ने कहा कि मौजूदा भारत में कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां पर महिलाओं की उपस्थिति न हो. महिलाओं ने अपने को हर क्षेत्र में प्रमाणित किया है. जबकि दुनिया के कई मुल्कों में महिलाएं किचन और बच्चों तक ही सीमित हैं. वहीं भारत की महिलाएं हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं. इसमें समाज व सरकार दोनों की रचनात्मक भूमिका है. आज शिक्षण संस्थानों में बेटियों की संख्या बेटों से ज्यादा हो रही हैं. आने वाले 20 वर्षों में भारत में स्त्रियों की स्थिति इतनी सुदृढ़ होगी कि प्रतिभा एवं कार्य कौशल के प्रत्येक क्षेत्र में स्त्रियां 80 फिसदी नजर आएंगी. जैसे आज स्त्रियों के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं, आज के 20 साल बाद ऐसे ही योजनाएं पुरुषों के लिए चलानी पड़ेँगी. यहां हमें यह भी सोचना पड़ेगा कि आखिरकार बेटे आगे क्यों नहीं आ रहे?
*महामहिम का युवाओं को संदेश*
अपने संबोधन में छोटे-छोटे किंतु कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर युवाओं को जागरूक किया. उन्होंने कहा कि आजकल युवाओं में जो रील बनाने की प्रवृत्ति दिख रही है, उसके प्रति उन्हें बेहद सावधान होना होगा. ऐसा न हो कि युवा रील के चक्कर में अपने सुनहरे भविष्य से भटक जाएं.
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशा और दहेज के प्रति विशेष सजग होने की जरूरत है. उन्हें प्रतिज्ञा करने की जरूरत है कि हम स्वयं को इससे दूर रखेंगे. नशे की लत वह दहेज के लेनदेन से दूर रहने वाले युवाओं को कभी कोई हरा नहीं सकता. उन्होंने कहा कि युवाओं को मोबाइल और पुस्तकालय के बीच समन्वय स्थापित करना होगा. उन्हें समझना होगा कि हमें कितना समय, कहां देना है!
*सर्वाइकल कैंसर व टी.वी.के प्रति संवेदनशीलता*
सर्वाइकल कैंसर व टीवी मुक्त भारत बनाने की दिशा में कुलाधिपति काफी गंभीर नजर आयीं. उन्होंने बताया कि 2 वर्ष पहले सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ वैक्सीनेशन की शुरुआत उन्होंने राजभवन से किया. उन्होंने बताया कि हमारा उत्तर प्रदेश कई अच्छे मामलों में नंबर वन है. विचारणीय है कि सर्वाइकल कैंसर और टी.वी. के मामले में भी हमारा राज्य नंबर वन है. आनंदीबेन पटेल द्वारा गोरखपुर विश्वविद्यालय के हीरक जयंती समारोह के अवसर पर निःशुल्क सर्वाइकल कैंसर बचाव टीकाकरण अभियान की शुरूआत की गई। अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, खोराबार तथा चरगांवा की छात्राओं को इनर व्हील क्लब ऑफ़ गोरखपुर एवं प्रो. एस. एस. दास द्वारा प्रदत्त जीवन रक्षक एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। महामहिम द्वारा वैक्सिनेटेड बच्चों को प्रमाण पत्र भी दिया गया।
कुलाधिपति ने कहा कि मुझे हार्दिक प्रसन्नता है कि गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अपने हीरक जयंती के अवसर पर समाज के सहयोग से बेटियों के वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा है. यह समाज के प्रति दायित्वबोध का सीधा और सुंदर उदाहरण है. इसमें हमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि सारे काम सरकार नहीं कर सकती. जैसे वृद्धाश्रमों की बढ़ती हुई संख्या समाज के प्रयास व परिवार के संस्कारों से ही नियंत्रित हो सकती है.
*कुलाधिपति ने किया 'प्रवाह' का विमोचन*
कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के नेतृत्व में सूचना,प्रकाशन एवं जनसंपर्क केंद्र द्वारा संपादित पत्रिका 'प्रवाह' का विमोचन किया गया. इस दौरान केंद्र के निदेशक व 'प्रवाह' के संपादक डॉ.महेंद्र सिंह भी मंच पर उपस्थित रहे. डॉ.दीपेंद्र मोहन सिंह, डॉ.अभिषेक शुक्ल तथा डॉ.गरिमा सिंह 'प्रवाह' के संपादन मंडल के सदस्य हैं.
*कुलाधिपति ने पूर्वांचल की झांकी का किया अवलोकन*
विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा पूर्वांचल की झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी में छात्राएं गुरु गोरखनाथ, गौतम बुद्ध तथा कबीर दास आदि के रूप में दिखाई दीं। छात्राओं द्वारा शिव स्तुति तथा शिव मंदिर पर आधारित झांकी भी प्रस्तुत की गई।
इसके अतिरिक्त झांकी में सूप से चावल साफ करती हुई महिला, धान चकिया चलाती हुई महिला, चटनी पिसती हुई महिला, धान रोपती हुई महिला तथा कुटीर उद्योग चलाती हुई महिला आदि को दर्शाया गया था। झांकी में पूर्वांचल के प्रमुख व्यंजन भी शामिल थे।












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