आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए 3 करोड़ खर्च करेगी यूपी सरकार
इलाहाबाद। संगम नगरी में आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों को अब आवारा पशुओं की वजह से परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस बार माघमेला के दौरान आपको आवारा पशु, बंदरों, सुअर परेशान नहीं करेंगे क्योंकि ऐसे आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए सरकार ने इलाहाबाद नगर निगम को 3 करोड़ रुपए का बजट जारी किया है। इतना ही नहीं डॉग और मृत जानवर भी सड़क या इधर-उधर नजर नहीं आयेंगे। नगर निगम ऐसे शवों को उठाने के लिये इसी बजट से हाइड्रोलिक वाहनों को भी खरीदेगा। दरअसल संगम नगरी में अगले साल लगने वाले कुंभ के दौरान पूरी दुनिया की नजर प्रयागराज पर होगी और यह न सिर्फ इस शहर बल्कि भारत की साख का विषय होगा। इसलिये सरकार लगातार इलाहाबाद की पूरी मूलभूत सुविधाओ व व्यवस्थाओ को बदलने में जुटी है।

क्या है व्यवस्था
प्रयाग में लगने वाले कुंभ के दौरान आवारा पशुओं, बंदरों, सुअर आदि के पकड़ने, उनके रहने-खाने, इलाज के इंतजाम के लिए इलाहाबाद नगर निगम ने सरकार को 368.22 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। जिसे सरकार ने संशोधित रूप से स्वीकार कर लिया और नगर निगम को इसके लिये 3 करोड़ रुपये जारी कर दिये हैं। इन पैसे का इस्तेमाल नगर निगम प्रपोजल के अनुसार करेगा और शहर की तस्वीर कुंभ के दौरान बदलेगा। कुंभ मेला क्षेत्र में स्वयंसेवी संस्थाओं से ठेके पर बंदरों को पकड़ने के लिए, मेला क्षेत्र से सटे दारागंज, कीडगंज, बैरहना क्षेत्रों में मृत पशुओं के निस्तारण के लिए डोम की तैनाती होगी। साथ ही पशुओं की चिकित्सा पर चार जोनों में सुअर बाड़ा और पशुबाड़ा बनाया जायेगा। दारागंज, झूंसी, अरैल एवं फाफामऊ में अस्थायी पशुबाड़े एवं सुअरबाड़े, कार्यालय, चारा स्टोर, कैंप फर्नीचर की व्यवस्था भी होगी।
क्या खरीदेगा निगम
इन पैसों से नगर निगम 6 हाइड्रोलिक कैटिल वाहन, बंदरों को पकड़ने के लिए उपकरण, आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए दो हाइड्रोलिक डॉग स्क्वायड वाहन, मृत पशुओं को उठाने के लिए एक हाइड्रोलिक मशीनें खरीदेगा। जबकि शहर में पहले से मौजूद दो कुत्ता गाड़ी और पांच कैटिल वाहनों की मरम्मतीकरण करायेगा । फिलहाल इन व्यवस्थाओ के माध्यम से यह प्रयास किया जायेगा कि कुंभ में आने वाला हर सख्श " अतुल्य भारत " का थीम वाक्य दोहराते हुये ही लौटे।












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