यूपी: बाहुबली विधायक राजा भैया समेत पांच के खिलाफ FIR
कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया समेत पांच लोगों के खिलाफ दरगाह थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है।
बहराइच। कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया समेत पांच लोगों के खिलाफ दरगाह थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। इन सभी पर राजा भैया के पूर्व पीआरओ राजीव यादव के नाम से बहराइच के एक्सिस बैंक में फर्जी तरीके से खाता खुलवाने का आरोप है। इस मामले में न्यायालय ने २४ अप्रैल को रिजर्व फैसले को सार्वजनिक करते हुए केस दर्ज करने का आदेश दिया था। लेकिन पुलिस चुप्पी साधे रही। इस पर पूर्व पीआरओ ने अवमाननावाद दायर किया। तब आनन-फानन में दरगाह पुलिस हरकत में आयी। बुधवार को केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू हुई।

बता दें कि प्रतापगढ़ जिले के निवासी राजीव कुमार यादव अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय पर सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें उल्लेख किया गया कि वह पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का जनसंपर्क अधिकारी था। राजीव ने परिवारिक कार्यों से पीआरओ का काम मार्च 2008 में छोड़ दिया था। इस बात से नाराज होकर राजा भैया उससे रंजिश रखने लगे। पूर्व मंत्री की पत्नी एक कंपनी में बीमा एजेंट थीं। उनका सारा काम बहराइच निवासी रोहित प्रताप व उनकी पत्नी देखती थी। काम छोड़ने के बाद राजीव को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। जब उन्होंने काम छोड़ा तो उनके कुछ दस्तावेज वहीं रह गए।
आरोप है कि इन दस्तावेजों के सहारे पूर्व मत्री व उनकी पत्नी , रोहित ने साजिश करके उसके चेकबुक से चेक काटकर व फर्जी हस्ताक्षर से शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से उसके नाम एक्सिस बैंक में उनके नाम से खाता खुलवा लिया। लाखों रुपये का लेनदेन भी किया। कालेधन को सफेद बनाने का कार्य भी किया। उन्हें जब जानकारी हुई तो शाखा प्रबंधक से पत्राचार किया, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। न्यायालय ने इस मामले में 24 मार्च को पूर्व मंत्री समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश थाना प्रभारी दरगाह शरीफ को दिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में जुट गई। अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर दरगाह थाने में कुंडा विधायक राजा भैया समेत कई लोगो पर मामला दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
{promotion-urls}












Click it and Unblock the Notifications