Electricity bill: कभी नहीं भरा बिल, फिर भी चालू है कनेक्शन! यूपी के 57 लाख उपभोक्ताओं में आप भी हैं शामिल?
Electricity bill: उत्तर प्रदेश में बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 57 लाख से ज्यादा हो गई है। इनमें से अधिकांश ने एक बार भी बिजली बिल जमा नहीं किया है। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एकमुश्त समाधान योजना के बावजूद, इन उपभोक्ताओं में से 10% से भी कम ने योजना का लाभ उठाया है।
पावर कॉरपोरेशन के आंकड़ों के अनुसार, इन उपभोक्ताओं पर कुल 14,765 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है, जिसमें सरचार्ज शामिल नहीं है। 15 दिसंबर से शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य बकाया बिलों पर ब्याज में राहत देकर बिजली बिल जमा करवाना था, लेकिन उपभोक्ताओं की भागीदारी उम्मीद से कम रही।

एकमुश्त समाधान योजना में उपभोक्ताओं की कम रुचि को देखते हुए दूसरी बार इसका विस्तार किया गया है। पावर कॉरपोरेशन के मुताबिक, 'नेवर पेड' यानी जिन्होंने कभी भी बिजली बिल नहीं भरा, ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या 57,20,726 है। इनमें से सिर्फ 4,27,999 उपभोक्ताओं ने ही ओटीएस में पंजीकरण करवाया है।
इनसे कुल 444.78 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। वहीं, 'लॉन्ग अनपेड' यानी लंबे समय से बिजली बिल न जमा करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 90,67,001 है, जिन पर 13,047 करोड़ रुपये का बिल बकाया है। इनमें से 24,22,842 उपभोक्ताओं ने ओटीएस में पंजीकरण करवाया और उनसे 2028.74 करोड़ रुपये की वसूली की गई है।
मुफ्त कनेक्शन बना बिल वसूली में बाधा
जानकारों के मुताबिक, 'नेवर पेड' उपभोक्ताओं में से एक बड़ा हिस्सा उन लोगों का है, जिन्हें विद्युतीकरण योजनाओं के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए थे। इन उपभोक्ताओं ने कनेक्शन लेने के बाद से ही बिजली बिल जमा नहीं किया है, जिससे बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही है।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने ओटीएस योजना की घोषणा करते समय 'नेवर पेड' और 'लॉन्ग अनपेड' उपभोक्ताओं को शामिल करने पर विशेष जोर दिया था। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि यह योजना इन उपभोक्ताओं से वसूली में सफल नहीं रही है।
बकाया वसूली के आंकड़े
ओटीएस के लिए पात्र उपभोक्ता: 2,10,47,567
इन पर बकाया मूल राशि: 33,958 करोड़ रुपये
योजना में पंजीकरण करवाया: 46,04,644
वसूली गई राशि: 3,440.96 करोड़ रुपये
ओटीएस में दूसरी बार विस्तार
पावर कॉरपोरेशन ने ओटीएस योजना में उपभोक्ताओं की कम भागीदारी को देखते हुए इसे दूसरी बार बढ़ाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का मानना है कि समय बढ़ाने से अधिक उपभोक्ता योजना में शामिल हो सकते हैं और बकाया राशि का भुगतान कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि एकमुश्त समाधान योजना के बारे में जागरूकता की कमी भी उपभोक्ताओं के कम पंजीकरण का एक कारण हो सकती है। पावर कॉरपोरेशन को इसके प्रचार-प्रसार पर जोर देना चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
नेवर पेड उपभोक्ताओं पर सख्ती की तैयारी
बिजली विभाग अब 'नेवर पेड' उपभोक्ताओं पर सख्ती से कार्रवाई करने की योजना बना रहा है। इसमें बिजली कनेक्शन काटने और कानूनी कार्रवाई करने जैसी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
ऊर्जा विभाग मुफ्त बिजली कनेक्शन की समीक्षा भी कर सकता है। जिन उपभोक्ताओं ने मुफ्त कनेक्शन लेने के बाद बिल जमा नहीं किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है।












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