महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति कांग्रेस-BJP की धारणा दिखावटी, मायावती ने कहा
लखनऊ, 22 दिसंबर: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने है, लेकिन अभी तक तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। ऐसा कहा जा रहा है कि 5 जनवरी के बाद चुनाव की तारीखों का ऐलान कभी भी हो सकता है। तारीखों के ऐलान से पहले महिलाओं के मुद्दे पर यूपी की सियासत गरमा गई है। प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव के बाद मायावती भी महिलाओं को लेकर बड़ी बात कही है। मायावती ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) गंभीर नहीं हैं।

बीएसपी सुप्रीमो और पूर्व सीएम मायावती ने बुधवार 22 दिसंबर को एक के बाद एक तीन ट्वीट किए। ट्वीट में मायावती ने लिखा, 'देश में लगभग आधी आबादी महिलाओं की है किन्तु वे अभी भी काफी अधिकारों से वंचित हैं, जबकि उन्हें कानूनी अधिकार देकर सशक्त बनाने हेतु परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का काफी योगदान रहा है और अब बीएसपी उन्हीं के नक्शेकदम पर चलने वाली पार्टी है।'
दूसरे ट्वीट में मायावती ने कहा, 'हांलाकि कांग्रेस व भाजपा आदि की महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति लगभग एक जैसी ही धारणा है व इनका रवैया ज्यादातर दिखावटी ही होता है, जबकि बीएसपी सरकार में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक आत्मनिर्भरता हेतु काफी प्रयास किए, जिन्हीं को अब विरोधी पार्टियां भुना रहीं हैं।' वहीं, तीसरे ट्वीट में मायावती ने लिखा, 'महिलाओं को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने में कांग्रेस की तरह भाजपा भी गंभीर नहीं है। लोकसभा व विधानसभाओं में उनके लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का मामला वर्षों से लम्बित पड़ा होना इसका जीता-जागता प्रमाण है तथा इनका यह आरक्षण जरूर लागू होना चाहिए, बीएसपी की यह मांग है।'
इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यागव ने ट्वीट कर कहा, 'उप्र की बालिकाओं, युवतियों और महिलाओं के लिए सपा की सरकार ने लैपटॉप, कन्याविद्या धन, 1090 और एम्बुलेंस प्रदान कर 'नारी सशक्तीकरण' का सच्चा काम किया था। दिक़्क़त, क़िल्लत व ज़िल्लत ने महिलाओं को भाजपा के ख़िलाफ़ कर दिया है। उप्र की नारी भाजपा पर पड़ेगी भारी।'












Click it and Unblock the Notifications