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Mission Shakti के चौथे चरण का सीएम योगी ने किया शुभारंभ, जानिए क्या है यह खास योजना

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास से मिशन शक्ति के चौथे चरण का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा नारी सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में भी चर्चा की। योगी सरकार के निर्देश पर शारदीय नवरात्रि के दौरान जनपदों व कमिश्नरेट में 15 से 23 अक्टूबर में 18 जिलों में विशेष कार्यक्रम होंगे। प्रत्येक कमिश्नरेट व जनपद में महिला सशक्तिकरण-रैलियों के साथ जनजागरुकता के कार्यक्रम होंगे।

बहन- बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा सम्मान व स्वावलंबन की दिशा में बढ़ रहे कदमों में महिला बीट अधिकारियों को उनके बढ़ते दायित्व का बोध कराया। शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार से महिला बीट आरक्षी गांव-गांव में जाकर महिलाओं को जागरूक करने का कार्य आरंभ करेंगी। कहीं कोई बहन-बेटी की सुरक्षा में सेंध लगा रहा है ताे उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।

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महिलाओं की बढ़ रही भागीदारी
योगी ने कहा कि वर्ष 2020 में जब मिशन शक्ति की शुरुआत की गई थी, तब दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में थी। महिला शक्ति को तब पहचाना था। उस समय कुछ लोगों का प्रयास था कि नकारात्मकता पैदा की जाए। तब मुझे खुद फील्ड में उतरना पड़ा। जिस गांव में जाता था, वहां एएनएम, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता काम कर रही थीं। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए तय किया कि यूपी पुलिस में महिलाओं की 20 प्रतिशत भर्ती सुनिश्चित हो। वर्ष 2017 में दस हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, तब चालीस हजार हैं। उन्हें कार्यालय में बैठाया जाता था। हमने महिला बीट अधिकारी की नियुक्त कर उन्हें फील्ड में उतारा। अब महिला बीट अधिकारी महिला संबंधी अपराधों में आरोपियों की धरपकड़ में योगदान देने के साथ ही उन्हें सजा सुनिश्चित कराने के लिए पैरवी में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी।

क्या है मिशन शक्ति योजना मिशन शक्ति एकीकृत महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम है जिसे महिलाओं की रक्षा, सुरक्षा और सशक्तीकरण हेतु अम्ब्रेला योजना के रूप में कार्यान्वयन हेतु शुरू किया गया है।

यह महिलाओं के सशक्तीकरण के लिये है। जिसमें उज्ज्वला, स्वाधार गृह और कामकाजी महिला छात्रावास की पूर्ववर्ती योजनाओं को संशोधनों के साथ शामिल किया गया है। इसके अलावा कामकाजी माताओं के बच्चों के लिये राष्ट्रीय क्रेच योजना और एकीकृत बाल विकास सेवा अम्ब्रेला योजना के तहत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजनाकी मौज़ूदा योजनाओं को अब सामर्थ्य योजना में शामिल किया गया है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की आबादी में 67.7% महिलाएं और बच्चे हैं। देश के सतत और न्यायसंगत विकास के लिए, महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाना, उनकी रक्षा करना और उनका संपूर्ण विकास सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

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