कौन मान सकते है औरंगजेब को अपना आदर्श?, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया
UP CM Yogi Adityanath: मुगल शासक औरंगजेब का महिमामंडन करने वालों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आड़े हाथों लिया। साथ ही, उनकी मंशा पर सवाल उठाए। इस दौरान सीएम योगी ने कहा, 'केवल एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति ही औरंगजेब को आदर्श व्यक्ति मान सकता है।'
दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में आयोजित एक मीडिया कार्यक्रम में पहुंचे। यहां कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि कोई बुद्धिजीवी प्राणी औरंगजेब को अपना आर्दश नहीं मान सकता। जो क्रूर व्यक्ति को अपना आदर्श मान रहा है, वो अपने विवेक से इस बात को बोल रहा तो उसके पुत्र का नाम औरंगजेब रखना चाहिए।

इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि जो शाहजहां के साथ व्यव्हार हुआ, उसके लिए उसे तैयार रहना चाहिए। बता दें कि सीएम योगी की यह टिप्पणी महाराष्ट्र के समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आज़मी की औरंगजेब पर टिप्पणी को लेकर उठे विवाद के बीच आई है। दरअसल, अबू आजमी की टिप्पणी के कारण उन्हें 26 मार्च तक राज्य विधानसभा से निलंबित कर दिया गया।
साथ ही, जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए उनके खिलाफ कथित तौर पर कई एफआईआर दर्ज की गईं। तो वहीं, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि जो लोग भारत की सनातन परंपराओं और संस्कृति में विश्वास नहीं करते हैं और इसके बजाय उनके खिलाफ षड्यंत्र करते हैं, उन्हें उन लोगों के भाग्य पर भी गौर करना चाहिए जिनका वे महिमामंडन करते हैं।
मैं पूरी ईमानदारी से कहता हूं कि "केवल एक मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति ही औरंगजेब को आदर्श व्यक्ति मान सकता है। मुझे विश्वास नहीं है कि कोई भी मानसिक रूप से परिपक्व या बुद्धिमान व्यक्ति ऐसे क्रूर शासक को आदर्श मानेगा। कहा कि अगर कोई औरंगजेब के आदर्शों में वाकई विश्वास करता है, तो उसे अपने बेटे का नाम उसके नाम पर रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उन्हें औरंगजेब द्वारा अपने पिता शाहजहां के साथ किए गए व्यवहार का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। सीएम योगी ने शाहजहां का हवाला देते हुए कहा कि हमें दूसरों से औरंगजेब के बारे में क्यों सुनना चाहिए, जब शाहजहां ने खुद अपनी जीवनी में लिखा है कि किसी का बेटा औरंगजेब जैसा नीच नहीं होना चाहिए?
उसने अफसोस जताया कि एक हिंदू बेटा भी बेहतर है क्योंकि वह अपने माता-पिता की जीवित रहते हुए सेवा करता है और उनके जाने के बाद उनकी आत्मा को पानी पिलाता है। लेकिन औरंगजेब, तुमने मुझे प्यासा छोड़ दिया। बताया कि कैसे औरंगजेब ने शाहजहां को आगरा के किले में कैद कर रखा था और उसे हर 24 घंटे में सिर्फ़ एक छोटा घड़ा पानी दिया जाता था, जिससे उसकी मौत हो गई।
आदित्यनाथ ने इस क्रूरता को इस बात का सबूत बताया कि क्यों किसी को भी औरंगजेब की प्रशंसा नहीं करनी चाहिए। कहा कि औरंगजेब वही व्यक्ति था जिसने अपने ही भाई की बेरहमी से हत्या कर दी थी। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर कोई औरंगजेब को सच में पसंद करता है, तो उसे अपने बच्चों का नाम उसके नाम पर रखना चाहिए, लेकिन इसके परिणामों के लिए तैयार रहना चाहिए।
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