UP Chunav: बंपर वोटों से जीतने के बाद भी अखिलेश यादव को छोड़नी पड़ेगी 'ये खास सीट', अब यहां दोबारा होगा चुनाव
UP Chunav 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। इस बार लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में 37 सीटों पर समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा वहीं भारतीय जनता पार्टी को 33 सीटों से ही संतोष करना पड़ा।
बेहतर प्रदर्शन करने के चलते ही लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान समाजवादी पार्टी देश की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर सामने आई है। पहले नंबर पर भारतीय जनता पार्टी है जो 240 सीटों पर लोकसभा चुनाव जीती है। इसके अलावा दूसरे नंबर पर कांग्रेस है जो 99 सीटों पर चुनाव जीती।

इधर यूपी में समाजवादी पार्टी के टिकट पर मुलायम परिवार के जितने सदस्यों ने चुनाव लड़ा सभी लोग चुनाव जीत गए। अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव लड़े और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुब्रत पाठक को उन्होंने 170922 वोटों से चुनाव हरा दिया।
इस लोकसभा सीट पर अखिलेश यादव को 642292 वोट और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सुब्रत पाठक को 471370 वोट मिले। लोकसभा चुनाव में बंपर जीत के बाद अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को करहल विधानसभा से इस्तीफा देना पड़ेगा।
क्योंकि कन्नौज लोकसभा सीट से सांसद चुने जाने के बाद उनको करहल विधानसभा सीट छोड़नी होगी। ऐसे में करहल विधानसभा सीट पर उपचुनाव होगा। अखिलेश यादव द्वारा सीट छोड़ने से पहले ही करहल विधानसभा में समाजवादी पार्टी के नेता मजबूती बनाने में जुट गए हैं।
पिछली बार आजमगढ़ सीट छोड़ने पर हुआ था नुकसान
यह भी बता दें कि विधानसभा 2022 में अखिलेश यादव मैनपुरी जनपद के करहल विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे। करहल विधानसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद अखिलेश यादव ने आजमगढ़ लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद आजमगढ़ में उपचुनाव हुआ था।
उपचुनाव में समाजवादी पार्टी द्वारा धर्मेंद्र यादव को चुनाव मैदान में उतारा गया। वहीं इस लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा दिनेश लाल यादव निरहुआ को टिकट दिया गया था। उपचुनाव में दिनेश लाल यादव निरहुआ चुनाव जीत गए जबकि धर्मेंद्र यादव हार गए। हालांकि लोकसभा चुनाव 2024 में निरहुआ को करारी हार का सामना करना पड़ा और धर्मेंद्र यादव चुनाव जीत गए।












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