UP Budget 2023: लोकसभा चुनाव से पहले 'चुनावी वादों' पर खर्च होंगे 64 हजार करोड़ रुपये
सीएम योगी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान हमने जनता से कुछ वादे किए थे। वो वादे संकल्प पत्र के माध्यम से किए गए थे जिनको पूरा करने की जिम्मेदारी है। हम अब तक 110 वादे पूरे करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

UP Budget 2023: उत्तर प्रदेश में बुधवार को 2023-24 का वार्षिक बजट यूपी की योगी सरकार ने विधानसभा में पेश किया। बजट पेश होने के बाद सीएम योगी ने जमकर बजट की तारीफ की। इसमें सबसे खास बात ये रही कि योगी ने विधानसभा चुनाव के दौरान संकल्पपत्रों (घोषणापत्र) में किए गए वादों का भी जिक्र किया। योगी ने कहा कि चुनाव में पार्टी ने 140 वादे किए थे जिनमें से अभी तक हम 110 वादे पूरे करने जा रहे हैं। इसके लिए 64 हजार करोड़ रुपये सरकार खर्च कर रही है।
6 साल में हर बजट एक दूसरे से अलग
योगी ने बजट के बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यह बातें कहीं। योगी ने कहा कि सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास ही इस बजट का मूल मंत्र है। 2017 में पहला बजट प्रस्तुत किया था जो किसानों के लिए समर्पित था। प्रदेश के आद्योगिक विकास के लिए समर्पित था। 6 सालों में हर बजट किसी न किसी मायने में अलग था। 2020-21 का बजट से पहले कोविड का सामना करना पड़ा था।
6 साल में दोगुना किया यूपी का बजट
योगी ने कहा कि पिछला बजट अंत्योदय से आत्मनिर्भरता का बजट था। इस साल का बजट सबको आत्मनिर्भर बनाने वाला, त्वरित और समावेशी बजट है। आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करने वाला बजट है। यह बजट यूपी बीके देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए नीव का पत्थर साबित होगा। जो बजट पेश किया है वो 6 लाख 90 हजार का है जबकि 6 साल पहले हमने साढ़े तीन लाख करोड़ का बजट पेश किया था। सरकार ने 6 साल में बजट को दोगुने स्तर पर ले जाने का काम किया है।
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महिला शक्ति पर सरकार का फोकस
इससे पहले विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बालिकाओं के प्रति आमजन की सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए संचालित "मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना" के अन्तर्गत प्रति लाभार्थी को 15,000 तक की धनराशि से लाभान्वित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-2024 के लिए 1050 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। सभी वर्गों की पुत्रियों की शादी के लिए संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 600 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की कवायद
इसके साथ ही महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के लिए महिला सामर्थ्य योजना के अन्तर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गठन किया जाता है। योजना के वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बजट में 83 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। निराश्रित विधवाओं के भरण-पोषण अनुदान योजनान्तर्गत वर्तमान में 32 लाख 62 हजार निराश्रित महिलाओं को पेंशन दी जा रही है। इसके लिए वर्ष 2023 2024 के बजट में 4032 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित हैं।












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