बीजेपी ने की है ऐसी नीति लागू की यूपी वाले करने लगेंगे ज्यादा हवाई सफर!
इस योजना को केन्द्र सरकार भी अपनी मदद उपलब्ध कराएगी। साथ ही भारतीय विमानपतन प्राधिकरण अपनी टेक्नोलॉजी का पूरा इस्तेमाल सुविधाओं को विकसित करने में करेगा।
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश में नागर विमानन प्रोत्साहन नीति-2017 को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया है। सरकार की ये योजना यूपी में हवाई सेवा का आमूलचूल परिवर्तन करने के लिए बनाई गई है। हाल ही में योगी सरकार ने इस योजना को हरी झंडी दी थी और इलाहाबाद में लगने वाले अर्धकुंभ के मद्देनजर इसे विद्युत गति से बनाया और लागू किया गया। अब यूपी के हर मंडल में हवाई पट्टी होगी। मौजूदा हवाई पट्टी वरीयता क्रम में एयरपोर्ट के रुप में विकसित होगी। आइए इसके बारे में प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह द्वारा बताई गई कुछ खास बातें आपको बताते हैं कि आखिर ये योजना है क्या और इससे क्या लाभ होने वाला है?

इस योजना का ढांचा
नागर विमानन प्रोत्साहन नीति-2017 का मुख्य उद्देश्य है कि वो यूपी के प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों को हवाई सेवा से जोड़ दे। साथ ही यूपी के वो हवाई अड्डे और हवाई पट्टियां जहां से विमान सेवा संचालित नहीं हो रही हैं। वहां पूरी गुणवत्ता के साथ हवाई सेवा शुरू की जा सके। इससे विकास, रोजगार और सुविधा का जमीनी स्तर पर प्रभाव नजर आएगा। साथ ही ट्रांसपोर्ट और यात्रा के क्षेत्र में दूरगामी परिणाम दिखेगा। इस योजना को केन्द्र सरकार भी अपनी मदद उपलब्ध कराएगी। साथ ही भारतीय विमानपतन प्राधिकरण अपनी टेक्नोलॉजी का पूरा इस्तेमाल सुविधाओं को विकसित करने में करेगा। इससे राज्य सरकार तय लक्ष्य को समयावधि में प्राप्त कर सकेगी। मौजूदा समय में रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम शुरू भी हो चुकी है।

इस तरह होगा बदलाव
अभी शुरुआती समय में योजना के तहत हवाई अड्डे और हवाई पट्टियां चुस्त-दुरुस्त करने के साथ विस्तार भी की जाएंगी। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर को निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उनके माध्यम से ही एक स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा। इसके लिए कारोबारियों को उनके काम के अनुकूल सुविधाएं दी जाएंगी। सरकार इसके लिए इसी योजना में प्रोत्साहन नीति को भी शामिल कर चुकी है।

कैसे होगा काम?
राज्य सरकार के साथ केंद्र और भारतीय विमानपतन प्राधिकरण की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम यूपी के अंदर और यूपी के बाहर देश के अलग-अलग हिस्सों में हवाई सेवा के लिए नए रूट बनाएगी। सबसे पहले बडे धार्मिक स्थल और पर्यटन स्थल टारगेट पर हैं। यानी यूपी से यूपी और देश के हर हिस्सों में स्थित चर्चित स्थल चाहे वो धार्मिक स्थल हों या सैर सपाटे से संबंधित पर्यटन स्थल उन्हें जोड़ा जाएगा। दूसरे शब्दों मे कहें तो ये कि यूपी की हर खास जगह पर हवाई सुविधा होगी और देश के मौजूदा हर हवाई सेवा वाले हिस्से से यहां पहुंचा जा सकेगा।

व्यापार और रोजगार में होगी बढ़ोत्तरी!
ये सुविधा ना सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि विस्तार के बाद इससे व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। संभावना ये है कि यूपी में विकसित होने वाले हवाई अड्डे पर एयर कार्गो की पूर्ण सुविधा होगी। जिससे किसानों के उत्पाद का सीधे विदेश में निर्यात हो सकेगा। ये योजना यूपी में कृषि निर्यात, विनिर्माण और ई-कॉमर्स कारोबार के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित होगी।












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