विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, इस वजह से यूपी की नकल कर रहे दूसरे राज्य

लखनऊ, 23 सितंबर: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। इस सत्र के दौरान एक तरफ जहां महिलाओं के लिए अलग अलग से विशेष सत्र का आयोजन किया गया वहीं समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का पैदल मार्च भी चर्चा का विषय बना रहा है। पहली बार अपने घर से विधानसभा के लिए निकले अखिलेश को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया तो शुक्रवार को अखिलेश ने विधानसभा से कार्यालय तक का सफर पैदल करके सबको चौंका दिया। हालांकि इन सबके बीच पूरे महिलाओं के विशेष सत्र ने सबका ध्यान खींचा।

यूपी विधानसभा की नकल कर रहे दूसरे राज्य

यूपी विधानसभा की नकल कर रहे दूसरे राज्य

विधानसभा सत्र के अनिश्चितकाल के लिए स्थगन के बाद अध्यक्ष सतीश महाना ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश की विधानसभा केवल 403 विधायकों की विधानसभा नहीं है बल्कि इस प्रदेश के हर नागरिक की विधानसभा है। उन्होंने कहा कि इसका स्वरूप अब बदल रहा है। प्रदेश की विधानसभा ने दूसरे राज्यों को नया रास्ता दिखाने का काम किया है। 18 वीं विधानसभा के मानसून सत्र के समापन पर सभी सदस्यों के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सभी सदस्य अपनी विधानसभा की दिव्यता और भव्यता को बनाकर रखें जिससे दूसरे राज्यों में हम अपनी विधानसभा का जिक्र गर्व से कर सकें।

कनाडा में ओम बिड़ला ने की थी यूपी की सराहना

कनाडा में ओम बिड़ला ने की थी यूपी की सराहना

महाना ने कहा कि हाल ही में कनाडा में सम्पन्न हुई सीपीसी कांफेंस में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने उत्तर प्रदेश की विधानसभा की सराहना की जिसके बाद सात आठ राज्यों ने इससे सीखने के प्रयास शुरू किये हैं। पिछली बार हमने कहा था कि प्रत्येक सदस्य अपने परिजनों को विधानसभा का भ्रमण कराने के लिए यहां लेकर आए। वह परिजनों के साथ अपने क्षेत्र के छात्र- छात्राओं, डाक्टर्स, इंजीनियर्स, वकील और शिक्षा क्षेत्र से जुडे़ अन्य लोगों को भी यहां लाकर इसे दिखाने का काम करें। हम चाहते हैं कि इस प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपनी विधानसभा पर गर्व करे।

बेहद गंभीरता से सदस्यों ने लिया कार्यवाही में हिस्सा

बेहद गंभीरता से सदस्यों ने लिया कार्यवाही में हिस्सा

महाना ने कहा कि इस बार सत्र के दौरान प्रत्येक सदस्य ने बेहद तन्मयता से सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया है। दलीय नेताओं के सहयोग के चलते जनहित के कई मुद्दों को सरकार के सामने पेश किया गया। साथ ही मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी विपक्ष की बातों को बेहद गंभीरता से लेकर उन पर शालीनता के साथ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है जिसके चलते सदन की कार्यवाही एक बार भी स्थगित नहीं हुई। सरकार जनहित के हर काम में सहयोग कर रही है। सदस्यों को अगर किसी भी प्रकार की कोई भी जरूरत हो तो हर तरह से सहयोग करने को तैयार हूँ।

कार्यवाही के दौरान पहले से बेहतर हुआ कामकाज

कार्यवाही के दौरान पहले से बेहतर हुआ कामकाज

महाना ने बताया कि कार्यवाही के दौरान अल्पसूचित प्रश्न 01, तारांकित प्रश्न 639, अतारांकित प्रश्न 2487 प्राप्त हुए। इनमें कुल 627 प्रश्न उत्तरित हुए। जिसमें 1553 प्रश्न (43.23 प्रतिशत) आनलाइन प्राप्त हुए। इसी प्रकार सरकार से वक्तव्य मांगने वाले नियम 51 के अन्तर्गत 466 सूचनाएं प्राप्त हुई। जिन्हें वक्तव्य के लिए 11 व केवल वक्तव्य के लिए 4 एवं ध्यानाकर्षण के लिए 101 को स्वीकार किया गया।

सदन में 222 सूचनाओं को अस्वीकृत किया गया

सदन में 222 सूचनाओं को अस्वीकृत किया गया

सतीश महाना के मुताबिक 19 सितम्बर से प्रारम्भ हुए 18वीं विधान सभा के द्वितीय सत्र में नियम-301 के तहत कुल 327 सूचनाएं प्राप्त हुईं। जिनमें 105 को स्वीकृत किया गया जबकि 222 सूचनाओं को अस्वीकृत किया गया। नियम 56 के अन्तर्गत कुल 58 सूचनाएं प्राप्त हुई जिसमें 7 अग्राह्य हुईं जबकि 2 सूचनाओं पर ध्यानाकर्षण किया गया। इस सत्र में कुल-1844 याचिकाएं सदन में प्राप्त की गयी। जिसमें 1072 ग्राह्यता के उपरान्त स्वीकार की गयी। सदन की कार्यवाही के दौरान नियम 56 के अर्न्तगत विभिन्न प्रकार के जनहित के प्रश्नों को उठाया गया। नियत सीमा से अधिक प्रस्तुत एवं विलम्ब से प्राप्त 772 याचिकाएं अग्राह्य हुईं।

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