UP विधानसभा चुनाव; चुनाव प्रभारियों की टीम में फिर जातियों पर ही फोकस, हर वर्ग को साधेगी 'मोदी की टीम यूपी'

लखनऊ, 10 सितम्बर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले सारी पाटि्रयां अपनी तैयारी में जुट गई हैं। बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से यूपी के चुनाव प्रभारियों की टीम की घोषणा कर दी गई है। जेपी नड्‌डा के इस फैसले के पीछे भी पीएम मोदी की वही रणनीति काम करती दिखाई दे रही है जो उन्होंने कुछ दिनों पहले कैबिनेट के विस्तार में अपनायी थी। मोदी कैबिनेट के विस्तार में जिस तरह से यूपी में विधानसभा को सामने रखकर जातिगत समीकरण के हिसाब से चेहरों को शामिल किया गया उसी तरह जेपी नड्‌डा की टीम में भी पूरा फोकस जातियों को साधने पर ही लगाया गया है।

बीजेपी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व ने बुधवार को मिशन यूपी 2022 को लागू किया, उत्तर प्रदेश के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में एक नई चुनाव टीम की नियुक्ति की, जो ओडिशा के एक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नेता हैं, जहां उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव जल्दी होने वाले हैं। एक भाजपा के वरिष्ठ नेता बताया कि, "यूपी में टीम मोदी" के रूप में एक नया चुनाव प्रभारियों का पैनल बना है। इसमें भी चुनावों के लिहाज से जातीय समीकरण का एक दिलचस्प मिश्रण दिखाई पड़ रहा है। ओबीसी नेता धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व वाली टीम में एक दलित, एक राजपूत, एक वोक्कालिगा, एक भूमिहार, एक ब्राह्मण, यादव और एक जाट को शामिल कर बीजेपी ने एक तीर से कई निशाने साधने का प्रयास किया है।''

जातीय समीकरण साधने का ही प्रयास
राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो पिछड़े और दलित समुदाय समेत कई जातियों को लुभाने के लिए यह टीम तैयार की गई है। यूपी के विपक्षी दल भी ब्राह्मणों को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं यादवों को राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के प्रति वफादार माना जाता है लेकिन बीजेपी की चुनाव प्रभारियों की टीम में भी यादव को जगह दी गई है।केंद्र के तीन नए कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के विरोध में मुख्य रूप से जाट शामिल किया गया है। नए चुनाव पैनल की नियुक्ति उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, जो उत्तर प्रदेश के आगरा से एक दलित नेता हैं, जो उनके पांच साल के गवर्नर कार्यकाल को बंद करने से दो साल पहले थीं। बेबी रानी मौर्य ने 2007 में आगरा की एत्मादपुर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था और असफल रही थी।

मोदी

पीएम मोदी की टीम यूपी में हर वर्ग को तरजीह

भाजपा के नए यूपी पैनल में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान के एक दलित, हिमाचल प्रदेश के एक राजपूत अनुराग ठाकुर, छत्तीसगढ़ की एक महिला ब्राह्मण नेता सरोज पांडे, वोक्कालिगा (जाति) की एक महिला नेता शोभा करंदलाजे को शामिल किया गया है। कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य विवेक ठाकुर जो बिहार से पार्टी के वरिष्ठ नेता सीपी ठाकुर के बेटे हैं और भूमिहार हैं इन्हें भी चुनावी पैनल में जगह दी गई है। हरियाणा के पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु चुनाव प्रभारियों में एक जाट चेहरा हैं जबकि अन्नपूर्णा देवी यादव समाज से आती हैं।

भाजपा के एक MLC ने कहा कि,

"यूपी चुनाव पैनल के सदस्य कैप्टन अभिमन्यु एक जाट हैं, जिनके पश्चिमी यूपी में संबंध हैं। विवेक ठाकुर के रूप में हमारे पास भूमिहार नेता है जबकि समुदाय के पास केवल चार प्रतिशत वोट बैंक है जिसका पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसका काफी प्रभाव है। जैसा कि जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में मनोज सिन्हा की नियुक्ति के बाद पार्टी में भूमिहार चेहरे के रूप में यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही हैं और अभी हाल ही में मोदी के खास एके शर्मा को भी जगह दी गई है।''

वरिष्ठ पत्रकार अवनीश त्यागी कहते हैं कि, "चुनावी लिहाज से बीजेपी ने यह कदम उठाया गया है। इसमें भी एक जातियों का गुलदस्ता बनाकर पेश करने का प्रयास किया गया है। मोदी और शाह की यही खासियत है कि हर चीज में वो अपने काम की चीज ढूंढ लेते हैं। इस टीम में भी जातियों के प्रतिनिधित्व का ख्याल रखा गया है। यह उन जातियों को एक मैसेज देने का प्रयास है कि पार्टी आपके लिए हमेशा चिंतित है और आपको प्रतिनिधित्व दे रहे हैं।"

बेबीरानी मौर्या को मिली नई भूमिका

यह पूछे जाने पर कि क्या बेबी रानी मौर्य का उत्तराखंड की राज्यपाल पद से इस्तीफा और उनके राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की संभावना आश्चर्यचकित करने वाली है, इस सवाल के जवाब में वरिष्ठ भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि,

"यही नई भाजपा की खूबसूरती है। इस तरह के आश्चर्यजनक फैसले अब नियमित हो गए हैं और पार्टी नेतृत्व के दिमाग को समझ पाना काफी मुश्किल है। इससे पहले भी 2019 में भाजपा नेतृत्व ने पूर्वी यूपी के घोसी विधानसभा क्षेत्र से छह बार के विधायक फागू चौहान को विधायक पद से इस्तीफा देने और पड़ोसी राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें बिहार का राज्यपाल नियुक्त कर दिया गया था।''

बीजेपी ने 6 संगठनात्मक क्षेत्रों में भी प्रभारी नियुक्त किए हैं
भाजपा ने यूपी के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों के प्रभारी भी नामित किए। लोकसभा सांसद संजय भाटिया को पश्चिमी यूपी का प्रभारी बनाया गया है। बिहार के विधायक संजीव चौरसिया ब्रज क्षेत्र की देखभाल करेंगे। राष्ट्रीय सचिव सत्य कुमार अवध क्षेत्र के प्रभारी होंगे। भाजपा के राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष सुधीर गुप्ता को कानपुर क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया है। गोरखपुर क्षेत्र के प्रभारी राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन हैं और सुनील ओझा काशी क्षेत्र की देखभाल करेंगे।

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