यूपी चुनाव परिणाम: बाहुबली करवरिया ब्रदर्स ने जेल से दिला दी नीलम को जीत

मेजा का इलाका ब्राह्मण बाहुल्य होते हुये भी सपा के दबदबे में था। कारण था सपा ने ब्राह्मण प्रत्याशी के सहारे सीट कब्जे में कर रखी थी। वर्तमान में गामा पाण्डेय यहां से सपा के विधायक थे।

इलाहाबाद। इलाहाबाद की मेजा विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी व बाहुबली करवरिया बंधुओ की बहू नीलम करवरिया ने कमल खिला दिया है। लेकिन इस कमल को खिलने से रोकने के लिये सारे जतन किये गये थे। पहले करवरिया बंधुओ को पुराने मामले में जेल भेजा गया फिर उनकी जमानत रद्द हुई। आखिर में तीनों करवरिया बंधुओ को इलाहाबाद नैनी सेंट्रल जेल से मिर्जापुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया। लेकिन बाहुबली करवरिया बंधुओ का मेजा सीट पर दबदबा कायम रहा।

यूपी चुनाव परिणाम: बाहुबली करवरिया ब्रदर्स ने जेल से दिला दी नीलम को जीत

नतीजा यह रहा कि कांटे की टक्कर के बाद कुछ समय तक पीछे चलने वाली नीलम शनिवार दोपहर बाद बढ़त बनाने लगी तो दुबारा मुड़कर नहीं देखा और लगभग 20 हजार वोट से जीत हासिल करते हुये न सिर्फ अपने राजनैतिक कैरियर का शानदार आगाज किया बल्कि राजनीति में अस्त हो रहे करवरिया टाइटिल को भी डूबने से बचा लिया। इसे भी पढ़ें- सपा की हार पर जनता के बीच रोते नजर आए आजम खान

ब्राह्मण बाहुल्य इलाके में था सपा का दबदबा

मेजा का इलाका ब्राह्मण बाहुल्य होते हुये भी सपा के दबदबे में था। कारण था सपा ने ब्राह्मण प्रत्याशी के सहारे सीट कब्जे में कर रखी थी। वर्तमान में गामा पाण्डेय यहां से सपा के विधायक थे। इस बाह्मण बाहुल्य सीट पर ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या करीब एक लाख है। इसके साथ करीब 50 हजार पिछड़ी जाति के मतदाता हैं, जिनमें यादवों की संख्या अधिक है।40 हजार मुस्लिम और इतने ही दलित तथा 35 हजार के करीब अन्य जातियों के मतदाता हैं।

नीलम के आते ही बदल दी रणनीति

इलाहाबाद की मेजा विधानसभा सीट उस दिन चर्चा में आ गई थी जब राजनैतिक अस्मत बचाने के लिये बाहुबली करवरिया बंधुओ की बहू नीलम मेजा से चुनाव मैदान में उतर आई । मेजा से कई दावेदार लाइन में थे लेकिन कोई भी नीलम का विरोध खुलकर करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। नतीजन सबसे आखिरी लिस्ट में अपना नफा नुकसान देखकर केशव मौर्य ने नीलम को मेजा से प्रत्याशी घोषित कर दिया । लेकिन नीलम की लड़ाई आसान नहीं थी यहां से सपा के विधायक गामा पांडेय भी मैदान में थे। लेकिन किस्मत नीलम के साथ थी गामा का टिकट कट गया और राम सेवक सिंह को सपा ने मैदान में उतारा ।

गूंजा बाहुबलियों का संदेश

मेजा से नीलम का उतरना था कि बाहुबली करवरिया बंधुओ ने जेल से ही सारी ताकत के साथ राजनीति का हर अस्त्र शस्त्र चलाया। ब्राह्मण गुटों तक बाहुबलियों का वह संदेशा गूंजा जो कुण्डा में राजा का गूंजता है । करवरिया बंधुओ ने अपने दबदबे से चुनाव को नीलम के पक्ष में मोड़ दिया लेकिन ऐन घड़ियों में करवरिया बंधुओ को मिर्जापुर शिफ्ट कर दिया गया। लेकिन तब तक भाजपा का हर बड़ा नेता स्टार प्रचारक ताबड़तोड़ रैली जनसभा कर नीलम को जिताने में जुट गया । चुनाव जीतकर नीलम ने मेजा को सपा से छीन लिया । नीलम करवरिया ने मेजा से बतौर भाजपा प्रत्याशी 67807 वोट हासिल किया । जबकि सपा से राम सेवक सिंह ने 47964 वोट व बसपा से सुरेन्द्र ने 44622 वोट हासिल किया।

जेल से निकलने का खुलेगा रास्ता

आखिरकार नीलम ने जीत हासिल की और अब करवरिया बंधुओ के जेल से बाहर आने का भी रास्ता खुलना तय माना जा रहा है। मालूम हो कि पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया, विधायक सूरजभान करवरिया व विधायक उदयभान जेल में बंद हैं। इन पर विधायक जवाहर यादव की हत्या का आरोप है। साथ ही कई अन्य मुकदमे दर्ज हैं। सूरज भान व उदय भान भाजपा के पुराने खिलाड़ी हैं। जबकि पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी कपिलमुनि करवरिया केशव मौर्य से चुनाव हार गये थे ।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+