लखनऊ की इन दो सीटों पर सपा ने खेला है ब्राह्मण कार्ड, जातीय समीकरण से क्या होगा कमाल?
लखनऊ, 02 फरवरी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के चुनाव में पार्टियां प्रत्याशियों को टिकट देने में बड़ी ही सावधानी बरती हैं। भाजपा हो या सपा या फिर कांग्रेस उसने टिकट के देने से पहले हर एंगल से जांचने के बाद जिस कैंडिडेट को जिताऊ प्रत्याशी समझा उसे आखिर में टिकट दिया। लखनऊ की दो हाईप्रोफाइल सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा के लिए भाजपा और सपा ने बहुत ही सोचने-समझने के बाद अपने उम्मीदवारों के नाम निर्धारित किए और चुनाव में उतारा हैं। लखनऊ की ये हाई प्रोफाइल सीटों में है सरोजनी नगर है और दूसरी लखनऊ उत्तर विधानसभा सीट है। जिन पर वर्तमान समय में भाजपा का कब्जा है। समाजवादी पार्टी ने दोनों सीटों पर ब्राह्मण कार्ड खेला है। ऐसे में क्या इस चुनाव में ये सपा का ये जातीय समीकरण कामयाब होगा? आइए जानते हैं.......

लखनऊ की हाईप्रोफाइल सीट पर होगी एक ब्राह्मण की दो ठाकुरों से टक्कर
बुधवार को सपा ने लखनऊ की हाईप्रोफाइल सरोजनीनगर विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री प्रो. अभिषेक मिश्र को उम्मीदवार बनाया है। वहीं एक दिन पहले इस सीट से मंगलवार की रात भाजपा ने ईडी के पूर्व अधिकारी राजेश्वर सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है और कांग्रेस से रूद्र दमन सिंह बबलू को टिकट दिया है। यानी दो ठाकुरों की टक्टर एक ब्राह्मण से होगी।

सपा ने इन दो सीटों पर चला है ब्राह्मण कार्ड चला
कहा जा रहा है कि सपा ने अपने ठाकुर जाति के संभावित प्रत्याशी को बदलकर अंत में प्रोफेसर अभिषेक मिश्रा को टिकट देकर ब्राह्मण कार्ड चला है। ऐसा सपा ने जातीय समीकण को साधने के लिए किया है। इसके अलावा सपा ने लखनऊ उत्तर विधानसभा सीट से पूजा शुक्ला को उम्मीदवार बना कर ब्राहृमण कार्ड खेला है। जबकि इस सीट से सपा के लगभग एक दर्जन उम्मीदवार टिकट पाने के लिए लगातार प्रयासरत थे।

कौन हैं अभिषेक मिश्रा
प्रो. अभिषेक मिश्र समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण सम्मेलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसके अलावा लखनऊ उत्तर विधानसभा सीट से 2012 में विधानसभा चुनाव लड़े थे और जीत हासिल की थी। लेकिन 2014 में लोकसभा और 2017 विधानसभा चुनाव में इसी सीट से चुनाव लड़े लेकिन हार गए थे। इसी सीट से इस बार सपा ने पूजा शुक्ला को प्रत्याशी बनाया है जिन्होंने पीएम मोदी को काला झंडा दिखाया था।

भाजपा ने स्वाती सिंह का इसलिए काटा टिकट
सरोजनीनगर में 2017 में भाजपा प्रत्याशी स्वाति सिंह ने जीत हासिल की थी और योगी सरकार में मंत्री बनी थी। उन्होंने पिछले चुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के परिवारिक सदस्य अनुराग यादव को हराया था। हालांकि भाजपा ने स्वाती सिंह को इस बार टिकट नहीं दिया है उनके पति भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह के साथ चल रहे विवाद के कारण अचानक भाजपा ने ईडी के पूर्व निदेशक राजेश्वर सिंह को टिकट देकर सबको चौका दिया था।

जानिए सपा ने क्यों खेला ब्राह्मण कार्ड
लखनऊ की सरोजनीनगर जो हाई प्रोफाइल सीट मानी जाती है वहां ठाकुर ही नहीं ब्राह्मण और यादव वोटर निर्णायक भूमिका में रहते हैं। सपा ने पहले भाजपा के उम्मीदवार घोषित करने का इंतजार किया और उसके राजेश्वर सिंह को उम्मीदवार घोषित करने के बाद तपाक से प्रोफेसर अभिषेक मिश्र को सरोजनीनगर से टिकट देकर जातीय समीकरण को साधा। बहरहाल अब ये आने वाले चुनावी परिणाम बताएगा कि सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ये दांव कितना सही बैठता है।












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