वरुण गांधी के बागी तेवर पर बीजेपी की कार्रवाई, स्टार प्रचारकों की लिस्ट से किया बाहर
बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने इंदौर में एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ बागी सुर अपनाए थे।
नई दिल्ली। यूपी विधानसभा चुनाव के बीच में बीजेपी सांसद वरुण गांधी का बागी तेवर दिखाना पार्टी को नागवार गुजरा। भारतीय जनता पार्टी ने छठे और सातवें चरण के यूपी विधानसभा चुनाव के स्टार प्रचारकों की लिस्ट से उनका नाम हटा दिया है। वरुण गांधी का नाम हटाने के बाद पार्टी ने उनकी जगह केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा को स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल किया है।
मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ दिखाए थे बागी तेवर
बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने इंदौर में एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ बागी सुर अपनाए थे। वरुण गांधी ने कार्यक्रम में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि कर्ज वसूलने में सरकार भेदभाव कर रही है। बड़े उद्योगपतियों का कर्ज माफ किया जा रहा है और गरीब किसानों को कर्ज चुकाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

छठे-सातवें चरण के स्टार प्रचारकों की लिस्ट से वरुण का नाम कटा
सिस्टम पर हमला बोलते हुए वरुण गांधी ने कहा था कि कर्ज न चुका पाने की वजह से 50 हजार से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं जबकि विजय माल्या 9 हजार करोड़ रुपये लेकर भाग गया लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं वरुण गांधी ने कहा कि कर्ज वसूली के नाम पर विजय माल्या का गारंटर बताकर जिस शख्स को गिरफ्तार किया गया है, उसके बैंक खाते में सिर्फ 1100 रुपये मिले थे, लेकिन वह आज जेल में है और माल्या विदेश में घूम रहा है।

इंदौर के कार्यक्रम में की थी टिप्पणी
वरुण गांधी ने इंदौर में कार्यक्रम के दौरान हैदराबाद के दलित पीएचडी छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले को भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब मैंने रोहित का सुसाइड नोट पढ़ा तो मेरी आंखों से आंसू निकल आए। उन्होंने दलितों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हमारा संविधान जाति, धर्म के नाम पर किसी भी नागरिक से भेदभाव की इजाजत नहीं देता है, बावजूद इसके सच्चाई ये है कि हमारे देश में अनुसूचित जाति वर्ग के लगभग 37 फीसदी दलित गरीबी रेखा से नीचे जिंदगी बिताने को मजबूर हैं।

यूपी चुनाव में तवज्जो नहीं मिलने से आहत बताए जा रहे थे वरुण गांधी
वरुण गांधी के इसी अंदाज से खफा पार्टी ने कार्रवाई करते हुए उन्हें स्टार प्रचारकों की लिस्ट से बाहर कर दिया। आपको बता दें कि यूपी चुनाव में वरुण गांधी को पार्टी की ओर से पहले भी खास तवज्जो नहीं दी गई थी। पहले दो चरण के स्टार प्रचारकों की लिस्ट से उनका नाम गायब था। हालांकि तीसरे और चौथे चरण के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में उन्हें शामिल किया गया।

पहले और दूसरे चरण के चुनाव में भी स्टार प्रचारकों की लिस्ट से बाहर थे वरुण
अब छठे और सातवें चरण की लिस्ट से उनका नाम बाहर कर दिया गया। दूसरी ओर कहा ये भी जा रहा है कि पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी यूपी चुनाव में टिकट बंटवारे से खफा हैं। इसकी वजह ये है कि टिकट वितरण में उनकी नहीं सुनी गई। बता दें कि वरुण गांधी की मां मेनका गांधी मोदी सरकार पर मंत्री हैं।












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