शर्मनाक: किशोरी गृह में एक बच्ची को रस्सी से बांधा दूसरी की चप्पल से की पिटाई, वायरल हुआ Video
UP Agra Juvenile Home: आगरा के एक राजकीय किशोरी गृह से एक चौंका देने वाली घटना सामने आई है। किशोरी गृह में मासूम बच्चियों की देखभाल करने का जिम्मा जिस महिला अधक्षिका को सौंपा गया था वो ही जल्लाद बनकर बच्चियों के साथ बेरहमी करती है। सोशल मीडिया पर किशोरी गृह में इस शर्मनाक घटना की सीसीटीवी फुटेज का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।

आगरा के किशोरी गृह में रहने वाली लड़कियों की सुरक्षा और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी जिस महिला अधिकारी पर थी वो बच्चियों की चप्पल से पिटाई करती थी, वहीं एक सात साल की बच्ची को रस्सी से बांध कर रखा था।
किशोरी गृह में रक्षक ही बनीं जल्लाद
बता दें अभी कुछ दिन पहले बाल सुधार गृह के एक बच्चे ने भी आत्महत्या का प्रयास किया था। इसके बाद सामने आया ये वीडियो इस बात का गवाह है कि कैसे सरकारी किशोर गृह में रक्षक ही भक्षक बने हुए हैं। जिस बच्चियों की देखभाल की एवज में सरकारी नौकरी में मोटी-मोटी रकम कमाते हैं उन्हीं बच्चियों के वो दुश्मन बने हुए हैं।
अधिक्षिका के खिलाफ क्या हुई कार्रवाई?
हालांकि सोशल मीडिया पर सीसीटीवी फुटेज का वीडियो वायरल होने के बाद आगरा के इस किशोरी गृह की अधीक्षिका पूनम पाल को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पाल कथित तौर पर प्रयागराज के एक किशोर गृह में भी इसी तरह की घटनाओं में शामिल थीं।
बच्ची की चप्पल से की पिटाई
सोमवार को पहला वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक बच्ची एक चारपाई पर लेटी थी और छह अन्य किशोर बंदी तीन खाटों पर आराम करती नजर आ रही थीं । किशोरी गृह की अधीक्षिका पूनम पाल को कमरे में घुसती है और लड़की को चप्पल से बेरहमी से पीटती है और दूसरे बच्चों को डांटती और थप्पड़ मारती है। वहीं वहां मौजूद एक दूसरी कर्मचारी देखती रहती है।
सात साल की बच्ची को रस्सी से बांधा
वहीं मंगलवार को इससे भी शर्मनाक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में सात साल की लड़की जिसके हाथ और पैर रस्सी से बंधे हुए हैं और वो बिस्तर के किनारे लेटी हुई दिखाई दे रही है। वो उठने को प्रयास करती है और रस्सी से खुद को मुक्त करने के बेताब प्रयास करती है तो बिस्तर के बगल में फिसलती हुई नजर आ रही है।
आयुक्त ने क्या कहा?
आगरा मंडल की आयुक्त रितु माहेश्वरी ने इस घटना पर कहा कि किशोरी गृह की अधीक्षिका पूनम पाल और घटनाओं में शामिल अन्य स्टाफ सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट को सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है, और एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।












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