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Uniform Civil Code: समान नागरिक संहिता को लेकर मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड ने अपनाया सख्त रुख

All India Muslim Personal Law Board: देश में समान नागरिक संहिता यानी Uniform Civil Code (UCC) को लेकर एक बार फिर माहौल गरमाने लगा है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने शुक्रवार को कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) देश के लिए बेहद हानिकारक, अनावश्यक, अव्यवहारिक है। यदि इसे लागू किया गया तो देश में अराजकता का माहौल पैदा हो जाएगा।

मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने सरकार से किया आग्रह

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने केंद्र सरकार से यूसीसी के लिए देश के संसाधनों को बर्बाद करने से बचने का आग्रह किया है क्योंकि इससे समाज में अराजकता पैदा हो सकती है। बोर्ड के प्रवक्ता इलियास ने कहा कि, 'हमारा देश एक बहु-धार्मिक, बहु-सांस्कृतिक और बहु-भाषाई समाज है और यही विविधता इसकी पहचान है।'

यूनिफार्म सिविल कोड

मौलिक अधिकारों के संरक्षण की जरूरत

बोर्ड ने कहा है कि संविधान निर्माताओं ने धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता की विशिष्टता और नाजुक प्रकृति को ध्यान में रखते हुए मौलिक अधिकारों के रूप में इसके संरक्षण की परिकल्पना की है। विशेष अलावा, संविधान के अनुच्छेद 371 (ए) और 371 (जी) उत्तर-पूर्वी राज्यों के आदिवासियों को विशेष प्रावधानों की गारंटी देते हैं जो संसद को किसी भी कानून को लागू करने से रोकते हैं, जो उनके परिवार के कानूनों को खत्म करता है।

बदलाव के लिए कोई अधिकृत नहीं

बोर्ड की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बोर्ड को अपने रुख को दोहराने की जरूरत है। मुस्लिम पर्सनल लॉ कुरान और सुन्नत से लिया गया है और इसलिए यहां तक कि मुस्लिम भी कोई बदलाव करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।

सरकार या बाहरी आदमी कानूनों से नहीं कर सकता छेड़छाड़

उन्होंने कहा कि ठीक इसी तरह, अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक समूह भी अपने पारंपरिक और सांस्कृतिक मूल्यों को संजोते हैं। इसलिए, सरकार या कोई अन्य बाहरी स्रोत इन कानूनों में कोई बदलाव लाने की कोशिश करेगा तो इससे समाज में अराजकता और अव्यवस्था पैदा करेगा।

समान नागरिक संहिता पर चर्चा अनावश्यक

बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि, "जो लोग धार्मिक व्यक्तिगत कानूनों का पालन नहीं करना चाहते हैं, उनके लिए देश में पहले से ही विशेष विवाह अधिनियम और विरासत अधिनियम के रूप में एक वैकल्पिक नागरिक संहिता है। इसलिए समान नागरिक संहिता पर चर्चा अनावश्यक और निरर्थक है।"

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