UPSCR के तहत कई जिलों का होगा सुनियोजित विकास, योगी सरकार जल्द ही उठाएगी ये बड़ा कदम
लखनऊ, 05 सितंबर: उत्तर प्रदेश की राजधनी लखनऊ में प्रस्तावित राज्य राजधनी प्रोजेक्ट (SCR) को लेकर सरकार अपनी कवायद में जुट गई है। सरकार ने अब इसके लिए आगे की कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया है। जल्द ही इसको लेकर एक सरकारी निविदा निकाली जाएगी जिसके माध्यम से इसकी डीपीआर तैयार करने वाली कंपनी का चयन किया जाएगा। दरअसल मुख्यमंत्री मंशा है कि दिल्ली की तर्ज पर यूपी में भी राज्य राजधानी क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इसके पीछे का मकसद लखनऊ के आसपास के जिलों को उद्योग के हिसाब से विकसित करना है।

SCR को लेकर जल्द ही सरकार जारी करेगी निविदा
राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए एक अनुभवी कंपनी का चयन करने के लिए एक वैश्विक निविदा जारी करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राज्य की राजधानी और उपग्रह शहरों के समग्र विकास को प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज पर लखनऊ और आसपास के शहरों को शामिल करते हुए UPSCR को विकसित करने के लिए अपनी सरकार की मंशा की घोषणा की थी।

लखनऊ के आसपास के जिलों के विकास पर जोर
सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, "सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री द्वारा घोषित यूपीएससीआर की डीपीआर तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ एजेंसी का चयन करने के लिए एक वैश्विक निविदा के माध्यम से बोलियां आमंत्रित करेगी।" उन्होंने कहा, "राज्य के राजधानी क्षेत्र में समान विकास और निवेश के समान वितरण के लिए सभी यूपीएससीआर जिलों में विश्व स्तरीय सुविधाओं के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है।"

सुनियोजित विकास का रोडमैप तैयार कर रही सरकार
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के जिलों के नियोजित विकास के लिए एक रोड मैप तैयार किया जाएगा जबकि निवेश आकर्षित करने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। UPSCR को बेहतर सड़कों से जोड़ा जाएगा जिससे विभिन्न शहरों से SCR में आने वाले यात्रियों के लिए यात्रा की सुविधा होगी। एससीआर में लोगों की सुविधा और आराम को बढ़ाने के उद्देश्य से बुनियादी ढांचे, मेट्रो सेवा और अन्य सुविधाओं के मामले में भी समान विकास होगा।

यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के सीएम योगी के लक्ष्य को प्राप्त करने में यूपीएससीआर एक बड़ी भूमिका निभाएगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी जिलों में समान रूप से निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि किसी एक शहर पर बोझ न पड़े और समावेशी विकास हो। इसके लिए सरकार अलग से बजट आवंटित कर सकती है।

UPSCR के लिए राज्य समिति को सौँपा जाएगा काम
यूपीएससीआर के लिए बनने वाली तीन समितियों में से राज्य स्तरीय समिति को एससीआर के विकास के संबंध में निर्णय लेने का काम सौंपा जाएगा। सीएम योगी की मंजूरी के बाद इन फैसलों को लागू किया जाएगा। दूसरे पैनल को फैसलों को लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी जबकि तीसरे पैनल को जमीनी स्तर पर शहरी विकास सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा जाएगा। तीसरी कमेटी की अध्यक्षता तीन संभाग लखनऊ, कानपुर और अयोध्या के आयुक्त करेंगे।












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