झांसी से अगवा किए गए 2 बिजनेसमेन 13 दिन बाद आगरा से मुक्त
थाना सिकन्दरा क्षेत्र में वुडलैंड अपार्टमेंट में मंगलवार की देर रात उस समय सनसनी फैल गयी जब अचानक यहां के लोगों को गोली चलने की आवाज सुनाई दी।
आगरा। 12 जुलाई को झांसी से अपहृत किए गए दो सर्राफा कारोबारियों को मंगलवार की देर रात ताजनगरी आगरा से एसटीएफ लखनऊ और आगरा पुलिस ने बदमाशों से मुठभेड़ के बाद एक फ्लैट से मुक्त करा लिया है लेकिन इस दौरान सभी बदमाश फरार होने में सफल रहे हैं।

अपार्टमेंट में अचानक चलने लगी गोली
थाना सिकन्दरा क्षेत्र में वुडलैंड अपार्टमेंट में मंगलवार की देर रात उस समय सनसनी फैल गयी जब अचानक यहां के लोगों को गोली चलने की आवाज सुनाई दी। गोली की आवाज पर जब लोग अपने अपने फ्लैटों से बाहर निकले तो देखा चारों तरफ पुलिस ही पुलिस थी। सभी पुलिस वाले हथियारों से लैस थे। इस दृश्य को देखकर लोग कुछ समझ पाते उससे पहले सभी अपने-अपने फ्लैटों में कैद हो गए। पूरे अपार्टमेंट में सनसनी फैल गयी। हर कोई जानने की कोशिश कर रहा था कि आखिर मामला क्या है? पुलिस ने पूरे अपार्टमेंट को कब्जे में ले लिया। आपको बता दें कि वुडलैंड अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 404 से एसटीएफ लखनऊ के डीआईजी मनोज तिवारी और आगरा के एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह की अगुवाई में एसटीएफ टीम और पुलिसबल ने अपहरणकर्ताओं के चुंगल से झांसी के दो सर्राफा कारोबारियों को मुक्त कराया है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग भी हुई थी लेकिन इस सबके बीच अपहरणकर्ता पुलिस की आँखों में धूल झोंककर भागने में सफल रहे।

मांगी थी 30 करोड़ रुपए की फिरौती
आपको बता दें कि 12 जुलाई की देर रात झांसी में थाना कोतवाली के आंटिया ताल लोहामंडी इलाके से सर्राफा कारोबारी राजेन्द्र अग्रवाल और राहुल अग्रवाल का स्कूटर से घर आते समय रात करीब 12 बजे पुलिस की वर्दी पहन कर आये अपहरणकर्ता ने पहले हमला बोला। इसके बाद एक गाड़ी में सवार होकर आये तीन अपहरणकर्ता दोनों कारोबारियों को गाड़ी में डालकर अपहरण करते हुए ग्वालियर की तरफ अपने साथ ले गए। जिस समय यह घटना हुई उस समय चैकीदार डाल चंद ने पूरी वारदात को देखा था लेकिन डालचंद समझ रहा था कि दोनों कारोबारियों को पुलिस लेकर जा रही है। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने छोड़ने की एवज में तीस करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी।
बिजनेसमेन मुक्त, अपहर्ता फरार
अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराने के लिए किये गए ऑपरेशन के प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि अचानक हथियारों से लैस सादी वर्दी में पुलिसबल ने वुडलैंड अपार्टमेंट को घेर लिया। नीचे से फायरिंग हुई तो सब हैरान रह गए लेकिन बाद में पता चला कि कुछ बदमाश यहां छिपे हुए थे जिसके बाद सब लोग दूर हो गए। दोनों व्यापारियों को सकुशल मुक्त कराने के लिए एसटीएफ डीआईजी मनोज तिवारी खुद इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी संभाले हुए थे। मनोज तिवारी ने बताया कि 12 जुलाई को झांसी के दो सर्राफा कारोबारियों का अपहरण हुआ था जिनको वुडलैंड अपार्टमेंट के 404 फ्लैट से मुक्त कराया गया है। डीआईजी एसटीएफ ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने फोन कर तीस करोड़ की फिरौती मांगी थी। इस पूरी घटना के दौरान अपहरणकर्ताओं की संख्या 4 से 5 बताई गयी है, सभी भागने में सफल गए।












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