भैंसों के सींग रंगकर होगा ट्रैफिक कंट्रोल, डीएम ने चुना लाल और पीला रंग
मुख्यमंत्री के करीबी कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के शहर में अब जाम की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने आनोखा कदम उठाने का मन बनाया है।
शाहजहांपुर। मुख्यमंत्री के करीबी कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के शहर में अब जाम की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने आनोखा कदम उठाने का मन बनाया है। जिला प्रशासन ने डेयरी मालिकों से मीटिंग कर कड़ी चेतावनी दी है कि एक महीने के अंदर शहर से डेयरी हटा लें और साथ ही पालतू भैंसों के सींगों को अलग-अलग रंग से रंगना होगा जिससे पता चल सके कि ये भैंस किस क्षेत्र की है। ऐसे में अगर पशु पालक बेटाइम भैंसों को सड़कों पर लाएंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। अब भैंसों की सींग लाल और पीले रंग से रंगे जाएंगे जिससे पहचान कर पशु पालकों पर कार्रवाई की जा सके।

मालिकों को रंगनी होगी अपनी-अपनी भैंस
दरअसल यूपी के शाहजहांपुर में जनता को जाम से निजात दिलाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट रामजी मिश्रा और एसडीएम ने एक नई पहल की है। शहर में जनता को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। जाम लगने का सबसे बड़ा कारण है कि दिन में किसी भी टाइम डेयरी मालिक भैंसों को नदी पर ले जाने के लिए मेन रोड पर ले आते हैं। जिससे कि घंटों जाम लगा रहता है। सिटी मजिस्ट्रेट रामजी मिश्रा ने नगरपालिका में डेयरी मालिकों के साथ मीटिंग कर एक रूपरेखा तैयार की है। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि जाम लगने का सबसे बड़ा कारण है कि पशुपालक अपनी भैंसों को किसी भी टाइम रोड पर ले आते हैं। जिससे रोड पर लंबा जाम लग जाता है। जिस जगह पर दूध की डेयरी होती हैं वहां से लेकर नदी जाने तक का रास्ता बंद हो जाता है। जिससे लंबा-लंबा जाम लग जाती है। जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

भैंसों के सींग से निकलेगा हल
ऐसे में जरूरत है इन डेयरी को नगर से बाहर करने की। सिटी मजिस्ट्रेट ने डेयरी मालिकों को चेतावनी दी है कि एक महीने के अंदर शहर में जितनी भी दूध की डेयरी हैं उनको अपनी डेयरी शहर से बाहर कर लेनी चहिए। इसके अलावा उनका कहना है कि क्षेत्र के हिसाब से पशुपालक अपनी भैंसों के सींग अलग-अलग रंग से रंग लें। जिससे कि जो पशुपालक बेटाइम भैंसों को रोड पर लाएंगे तो भैंसों के सींग से पहचान कर उन पशुपालकों पर कार्रवाई की जा सके।

दो रंग होंगे लाल और पीला
सींग रंगने का भी एक टाइम दे दिया गया है। अब जो भैंसे खननौत नदी में जाएगी उनके सींग लाल रंग के होंगे और जो भैंसे गर्रा नदी में जाएगी उनके सींग पीले रंग के होंगे। सिटी मजिस्ट्रेट ने तीन दिन के अंदर भैंसों के सींग रंगने का फरमान सुनाया है। साथ ही उन्होंने पशुपालकों को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर जाम से निपटने के लिए पशुपालक इस रूपरेखा में सहयोग नहीं करेंगे तोड़कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












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