VIDEO: मोदी-शाह की बातों को नकार बेलगाम हुए केंद्रीय मंत्री, राहुल-सोनिया के लिए कह डालीं ये बात
बाराबंकी। मौजूदा समय के सबसे बड़े सियासी दल भाजपा में कुछ मंत्री शिष्टाचार को नजरअंदाज कर इस कदर बेलगाम हो गए हैं कि उन्हें मोदी और शाह की नसीहत की भी परवाह नहीं है। अपने बयानों से इस बार फजीहत कराई है केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने, जो बाराबांकी में एक स्कूल के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने सीधे-सीधे सोनिया और राहुल गांधी को चोर कहा। उन पर हजारों रुपए के टैक्स चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि वो देश का पैसा ले भागे हैं। जनता की खून-पसीने की कमाई लूट-लूट कर मां-बेटे ने अपनी तिजोरी भर ली हैं।

जो मन में आया, वही बोलते चले गए मोदी के मंत्री
यूपी में लगभग हर शहर में सत्तासीन भाजपा ने कमल संदेश यात्रा के तहत शनिवार को बाइक रैलियों का आयोजन किया। इसी क्रम में बाराबंकी मुख्यालय स्थित जीआईसी इण्टर कालेज के आडिटोरियम में हुए कार्यक्रम को मोदी सरकार के वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने बतौर मुख्य अतिथि लीड किया। यहीं उन्होंने कहा कि 'राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने मिलकर हजारों करोड़ की टैक्स चोरी की। सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई, मगर वे तिजारी भरते रहे।''

ऐसा कहते हुए शुक्ल ने कई ऐसी बातें भी कह दीं, जो बताने लायक नहीं हैं। प्रताप ने यह भी कहा कि कांग्रेसी सवाल उठाते हैं कि चौकीदार कहां है? तो मैं बताना चाहता हूं कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस देश की जनता को जवाब दें कि अकेले इनकम टैक्स के रूप में हज़ारों करोड़ रुपये का गबन किसने किया? वह तो सोनिया के इसी गांधी परिवार ने किया है। जब सुप्रीम कोर्ट में इसके लिए गए, तो सुप्रीम कोर्ट ने साफ़-साफ़ कह दिया कि पहले जाकर अपना टैक्स अदा करिये, तब अगर कोई बात होती है तो आप यहां आईये। मजबूर होकर इन लोगों ने कहा कि साहब कुछ तो मोहलत दे दीजिये तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नहीं भारत के खजाने में आपको अपना लिया पैसा देना पड़ेगा।''
'चोर परिवार ने 60 साल तक केवल अपना पेट भरा है'
शुक्ल ने आगे कहा, ''इस चोर परिवार ने 60 साल तक केवल और केवल जनता को लूट कर अपना पेट भरने का काम किया। वह भी आज हमसे हिसाब मांगने के लिए आता है। किसी भी शहर में जाकर देख लें, कई पुल इनके नाम के हैं। कहीं जवाहर जी के नाम पर, कहीं इन्दिरा जी के नाम पर बनाये गए हैं। ऐसा लगता है कि इनके अलावा इस देश में और कोई रहा ही नहीं है न स्वतंत्रता सेनानी रहे न पटेल जी रहे न गांधी जी रहे। अगर इस देश से राजतंत्र भी चला गया तो इस देश में दूसरा राजतन्त्र गांधी-नेहरू के परिवार के रूप में इस देश में आ गया। जिसने इस देश की जनता की खून पसीने की कमाई को लूट-लूट कर अपनी तिजोरी को भरने का काम किया है।












Click it and Unblock the Notifications