पंकज सिंह समेत इन चेहरों ने की रिकॉर्ड मार्जिन से जीत, क्या योगी मंत्रिमंडल में मिलेगी जगह
लखनऊ, 12 मार्च: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सम्पन्न हो चुका है। इसमें कुछ चेहरे ऐसे भी हैं जो रिकॉर्ड मतों से जीतकर विधानसभा की दहलीज पार करने में सफल रहे हैं। इन चेहरों को मंत्रिमंडल में लेने का दबाव बढ़ गया है। इन चेहरों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र और नोएडा से विधायक पंकज सिंह और साहिबाबाद सीट से दो लाख से ज्यादा मतों से जीत हासिल करने वाले सुनील शर्मा शामिल हैं। इन दोनों की जीत इतनी ऐतिहासिक है कि लखनऊ में सत्ता के गलियारे में भी इनकी गूंज सुनाई दे रही है।

क्या कैबिनेट में शामिल होंगे पंकज सिंह ?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणाम 2022 में भाजपा को बहुमत मिला है। भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने भारी मतों के अंतर से जीत हासिल की है। इसमें नोएडा विधानसभा सीट से उम्मीदवार और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह ने 1,81,513 मतों के अंतर से बंपर जीत हासिल की है। हालांकि पंकज सिंह ने कहा कि यह ऐतिहासिक जीत भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं और नोएडा की जनता की है। मैं अपनी बात दोहराता हूं कि भाजपा सरकार के तहत नोएडा में कोई भी सही काम नहीं रुकेगा। गलत नहीं हो पाएगा। 5 साल में मैंने शहर के विकास की नींव रखी है।
पंकज सिंह ने बनाया पहला रिकॉर्ड
पंकज सिंह ने नोएडा विधानसभा सीट से पहला रिकॉर्ड बनाया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे और 2017 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाले पंकज सिंह को लोगों का भारी समर्थन मिला। 2017 के विधानसभा चुनाव में पंकज सिंह 1.04 लाख वोटों से जीते थे। इस बार उन्होंने 1,81,513 मतों के अंतर से जीत हासिल की। इस जीत के साथ पंकज सिंह ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया, जिसे बाद में सुनील कुमार शर्मा ने तोड़ा।

सुनील शर्मा को मिल सकती है मंत्रिमंडल में जगह
साहिबाबाद से बीजेपी के सुनील शर्मा, जिन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के अमरपाल शर्मा को 214,835 मतों से हराया। यह उत्तर प्रदेश में उनकी लगातार दूसरी सबसे बड़ी जीत का अंतर भी है, जो उन्होंने पहली बार 2017 में कांग्रेस के उम्मीदवार अमरपाल शर्मा को 150,685 मतों से हराकर हासिल किया था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शर्मा ने साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में हुए 481,616 मतों में से 322,882 वोट हासिल किए, जो उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र है, जिसमें 1,020,386 मतदाता हैं। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी जीत का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व के साथ-साथ अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को देता हूं... अब हम प्राथमिकता के आधार पर लंबित कार्यों को पूरा करेंगे. यूपी ने विकास और राष्ट्रवाद को वोट दिया है, तुष्टीकरण और जाति आधारित राजनीति के लिए नहीं।
देवरिया सदर से शलभमणि त्रिपाठी भी बन सकते हैं मंत्री
देवरिया सदर से बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल करने वाले पूर्व पत्रकार और योगी सरकार में मीडिया सलाहकार रहे शलभमणि त्रिपाठी मंत्री बन सकते हैं। शलभ पहले एबीवीपी में भी रहे हैं और इसका लाभ उनको मिल सकता है। शलभ को योगी के खास लोगों में शुमार किया जाता है। इसकी एक वजह यह भी है कि कुछ ब्राह्मण चेहरों की हार हुई है। जो योगी सरकार में मंत्री थे। योगी सरकार में शिक्षा मंत्री रहे सतीश द्विवेदी भी चुनाव हार गए हैं। उनकी जगह शलभमणि को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।












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