आजम खान का 'किला' ढहाने वाले शफीक अंसारी को पत्नी की तरफ से भी मिली गुड न्यूज
UP Election News: रामपुर में एक ही घर में दोगुनी खुशी आई है। स्वार उपचुनाव में जहां शफीक अंसारी विधायक बने तो दूसरी तरफ उनकी पत्नी रेशमा ने निकाय चुनाव जीता है।

उत्तर प्रदेश की स्वार विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी गठबंधन प्रत्याशी ने ऐतिहासिल जीत दर्ज की है, जिसके बाद सपा कद्दावर नेता आजम खान का आखिरी किला भी ढह गया। स्वार सीट पर विधायक रहे आजम के बेटे अब्दुल्ला आजम की सदस्यता जाने के बाद यहां उपचुनाव हुए, जिसमें भाजपा गठबंधन अपना दल (एस) प्रत्याशी शफीक अहमद अंसारी ने सपा की अनुराधा चौहान को करारी शिकस्त दी। इसी के साथ जहां शफीक अंसारी विधायक बने तो उनकी पत्नी ने चेयरमैन के पद पर कब्जा जमाया है।
एक घर में दो-दो खुशी
यूपी के रामपुर में एक ही घर में दोगुनी खुशी का जश्न मनाया जा रहा है। हाल ही में आए यूपी उपचुनाव और निकाय चुनाव के परिणामों में एक तरफ जहां शफीक अहमद अंसारी ने स्वार की विधायक सीट पर कब्जा जमाया तो दूसरी तरफ उनकी पत्नी रेशमा परवीन अंसारी ने स्वार नगर पालिका के पालिकाध्यक्ष के पद पर जीत दर्ज की है।
एनडीए को मिला पहला मुस्लिम विधायक
यूपी में एनडीए के इकलौते मुस्लिम विधायक बने शफीक अहमद के लिए एक साथ दो-दो खुशियां आईं। दोनों ही उम्मीदवार भाजपा के सहयोगी अपना दल (एस) से उम्मीदवार थे। बता दें कि 53 वर्षीय रेशमा परवीन अंसारी को 2017 के निकाय चुनावों में भी स्वार निकाय अध्यक्ष के रूप में चुना गया था, लेकिन एक निर्दलीय के रूप में हालांकि इस बार वह अपने पति के साथ अपना दल (एस) में शामिल हो गईं।
पसमांदा मुस्लिम बीजेपी की पसंद
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बता दें कि चुनाव जीता पति-पत्नी का जोड़ा पसमांदा मुस्लिम हैं, जो अल्पसंख्यकों के बीच सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़ा समुदाय है। स्वार की विधानसभा और नगर पालिका पर हुई एनडीए की जीत के बाद से अल्पसंख्यक समुदाय में पार्टी की पैठ बढ़ती नजर आ रही है।
5 करोड़ दोनों की संपत्ति
राज्य चुनाव आयोग को सौंपे गए हलफनामे के मुताबिक रेशमा परवीन 'मोमिन' (अंसार) जाति से हैं, जिसे यूपी में ओबीसी में आता है। आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाली रेशमा और उनके पति के पास 5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। अपनी जीत के लिए रेशमा ने सभी वर्गों के समर्थन के लिए आभार जताया।












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