UP News: स्वामी प्रसाद मौर्य का सपा महासचिव पद से इस्तीफा, अखिलेश यादव को लिखे पत्र में खुलकर जताई नाराजगी
Swami Prasad Maurya Resigns: समाजवादी पार्टी यूपी में लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों में जुटी हुई है। इस बीच स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अखिलेश यादव को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा दिया है।
अपने बयानों को लेकर लंबे समय से विवादों में चलने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव को पत्र लिखकर सपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि वो सपा से एमएलसी बने रहेंगे।

गौर करने वाली बात है कि उन्होंने पार्टी से नहीं बल्कि अपने महासचिव पद से इस्तीफा दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लिखे लंबे-चौड़े पत्र में उन्होंने अपने पद से इस्तीफे के कारणों को साझा किया है।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने पत्र में लिखा कि वह पार्टी में बिना किसी पद के सपा को मजबूत बनाने के लिए कोशिश करते रहेंगे। अपने पत्र में स्वामी प्रसाद मौर्य ने कई मुद्दों पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने पार्टी में भेदभाव का आरोप भी लगाया है।
अखिलेश यादव ने नहीं माना ये प्रस्ताव
अपने इस्तीफे को लेकर सपा नेता ने लिखा कि "पार्टी को ठोस जनाधार देने के लिए मैंने 2023 में जातिवार जनगणना, आरक्षण बचाने, बेरोजगारी व संविधान बचाने के लिए आपके (अखिलेश यादव) पास रथयात्रा निकालने का प्रस्ताव रथा था। जिस पर आपने सहमति देते हुए कहा था कि होली के बाद इस यात्रा को निकाला जाएगा, हालांकि आश्वासन के बाद भी कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आया। नेतृत्व की मंशा के अनुरूप मैंने फिर से कहना उचित नहीं समझा।"
इसके अलावा स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने बयानों को लेकर सपा के नेताओं की प्रतिक्रिया पर भी पत्र में टीस निकाली। उन्होंने लिखा कि हैरानी तब हुई जब पार्टी के वरिष्ठतम नेता चुप रहने के बजाए मौर्य जी का निजी बयान कार्यकर्ताओं के हौंसलों को तोड़ने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि मैं समझ नहीं पाया कि एक राष्ट्रीय महासचिव मैं हूं, उसको कोई बयान निजी बयान भी हो सकता है और पार्टी के कुछ राष्ट्रीय महासचिव और नेता ऐसे भी हैं, जिनका हर बयान पार्टी का हो सकता है।












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