OI Exclusive: "समाचार को सिर्फ दिखाना नहीं समझाना है", सुधीर चौधरी के शो 'DECODE' पर क्या है फिल्मकार की राय
OI Exclusive Film Maker Gaurav Khare View On Sudhir Chaudhary's new show Decode: देश के प्रतिष्ठित चैनल दूरदर्शन पर वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी का नया शो "DECODE" शुरू हुआ है। इस शो को लेकर वन इंडिया हिंदी रिपोर्टर पुनीत श्रीवास्तव ने प्रसिद्ध फिल्मकार व राजनीतिक विश्लेषक गौरव शंकर खरे से खास बातचीत की। उन्होंने शो के बारे में अपने विचार प्रकट किए और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
सुधीर चौधरी की विश्वसनीयता का डिकोड
फिल्मकार गौरव शंकर खरे ने कहा कि ' डिकोड दो प्रतिष्ठित पहचानो दूरदर्शन और सुधीर चौधरी का संगम है। यह उनकी विश्वसनीयता का डिकोड है। दूरदर्शन भारत के सामाजिक और लोकतांत्रिक विकास का गवाह रहा है। गाँवों की गलियों से लेकर महानगरों की इमारतों तक, इसने दशकों से खबरों, शिक्षा और संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाया है। अब जबकि मीडिया जगत में निजी चैनलों की भीड़ है, दूरदर्शन अपनी विश्वसनीयता और निष्पक्षता के कारण अब भी अलग पहचान रखता है।

तीन दशक से अधिक का अनुभव
फिल्मकार कहते हैं कि सुधीर चौधरी को पत्रकारिता का तीन दशक से अधिक का अनुभव है। इस कार्यक्रम में उनका यह अनुभव बेहद काम आएगा। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राजनीतिक, कूटनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर गहराई से रिपोर्टिंग की। उनका अंदाज़ स्पष्ट, तथ्य-आधारित और सवाल पूछने वाला रहा है-जो आज की पत्रकारिता में कम होता जा रहा है।
समाचार को सिर्फ दिखाना नहीं, समझाना है
फिल्मकार गौरव शंकर खरे कहते हैं कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ समाचार दिखाना नहीं बल्कि उसे समझना भी है।
डिकोड हर दिन की बड़ी विशेष खबर को तोड़कर, उसका विश्लेषण करके, उसके पीछे की राजनीति, समाजशास्त्र और नीतियों को जनता के सामने सरल भाषा में प्रस्तुत करता है।

कार्यक्रम को मिल रही काफी लोकप्रियता
उन्होंने कहा कि 15 मई से शुरू इस कार्यक्रम को काफी लोकप्रियता मिल रही है। पहले 24 घंटों के भीतर यूट्यूब पर 1 मिलियन व्यूज़ के करीब पहुँच गया जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है।सुधीर चौधरी को एक ऐसा मंच मिला है जो सरकार से स्वतंत्र है, परन्तु राष्ट्रहित की पत्रकारिता का प्रतिनिधित्व करता है। उन्हें न केवल एक व्यापक दर्शक वर्ग मिला, बल्कि 'TRP' की होड़ से ऊपर उठकर गंभीर पत्रकारिता करने का मौका भी मिला।

निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ
उन्होंने कहा कि जनता को ऐसा शो मिला है जो न तो चिल्लाता है, न ही भ्रमित करता है। यहाँ उन्हें खबरों के पीछे की सच्चाई मिलती है, सरल भाषा में, गहराई से, और निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ।
उम्मीद
उन्होंने कहा कि "DECODE" सिर्फ एक प्रोग्राम नहीं, बल्कि भारतीय पत्रकारिता की उस दिशा की वापसी है जहाँ खबरें ज्ञान का माध्यम होती थीं, सनसनी की नहीं। यह साझेदारी दूरदर्शन और सुधीर चौधरी दोनों के लिए एक नई शुरुआत है, और जनता के लिए एक बड़ी राहत और उम्मीद। १० - २० सेकंड में बदलती हुई रील और स्क्रॉल करती हुई उंगलियों के बीच, कंटेंट की गुणवत्ता एक ठहरा हुआ समुद्र है, जो अभी भी सर्वोपरि है।












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