Ikra Hasan News: महिला सांसद पर टिप्पणी करने वाले को लेकर करणी सेना बोली- वह न 'राजपूत', न संगठन का हिस्सा
Ikra Hasan News: कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन पर सोशल मीडिया पर की गई अभद्र टिप्पणी अब सियासी रंग लेने लगी है। देशभर में इस बयान की आलोचना हो रही है और अब करणी सेना भी इस विवाद में सक्रिय हो गई है।
करणी सेना संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंह चौहान ने प्रेस को दिए बयान में साफ कहा कि विवादित टिप्पणी करने वाला व्यक्ति संगठन से किसी भी तरह जुड़ा हुआ नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे लोगों को सख्त सज़ा मिलनी चाहिए।

नीरज सिंह ने कहा कि राजपूत समाज ने हमेशा महिलाओं को सम्मान दिया है। ऐसे में किसी महिला सांसद पर की गई अभद्र टिप्पणी को समाज कतई स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
करणी सेना की सफाई, संगठन का नाम घसीटना साजिश
नीरज सिंह ने दो टूक कहा कि वीडियो में दिखने वाला योगेंद्र सिंह राणा न तो करणी सेना का सदस्य है और न ही संगठन के किसी पद पर रहा है। उन्होंने इस बात की भी जांच की मांग की कि वह राजपूत समाज से संबंधित है या नहीं।
उन्होंने दावा किया कि राणा जैसे लोग संगठन के नाम पर समाज में ज़हर घोलने की कोशिश कर रहे हैं। करणी सेना ऐसे किसी भी व्यक्ति या कृत्य का समर्थन नहीं करती और इसकी कड़ी निंदा करती है।
महिला सांसद को बताया 'सम्मान की प्रतीक'
अध्यक्ष नीरज सिंह ने इकरा हसन के लिए समर्थन जताते हुए कहा कि उन्हें संसद तक पहुंचाने में राजपूत समाज की अहम भूमिका रही है। उन्होंने इसे नारी सम्मान से जोड़ते हुए समाज की सकारात्मक छवि सामने रखी।
उनका कहना था कि जो भी महिलाएं देश की राजनीति में सक्रिय हैं, वे गर्व का विषय हैं। उन्होंने कहा कि किसी महिला के खिलाफ इस तरह की भाषा समाज की मूल भावना के खिलाफ है।
प्रशासन से की गई लिखित शिकायत
करणी सेना संघ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुरादाबाद के वरिष्ठ अधिकारियों को ईमेल भेजकर आरोपी की सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच की मांग की है। उन्होंने सबूत के तौर पर वीडियो क्लिप और संबंधित स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए हैं।
संगठन ने अधिकारियों से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी को सख्त सज़ा दी जाए ताकि भविष्य में कोई और इस तरह की हरकत न करे। उन्होंने सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने की भी मांग की।
नीरज सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का उदाहरण देते हुए कहा कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद करणी सेना ने कभी मर्यादा की सीमा नहीं लांघी। उन्होंने कहा कि महिला विरोधी भाषा हर सूरत में निंदनीय है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह वक्त राजनीतिक लाभ के लिए नफरत फैलाने का नहीं, बल्कि संयम और संविधान में विश्वास दिखाने का है। उन्होंने सभी संगठनों से अपील की कि वे ऐसे मामलों में राजनीति न करें।
गौरतलब है कि आरोपी योगेंद्र राणा ने हाल ही में एक वीडियो में कहा था कि वह इकरा हसन से निकाह करना चाहता है और इसके लिए अपनी पत्नी से अनुमति भी ले चुका है। इस वीडियो के सामने आते ही बवाल मच गया।
वीडियो में राणा ने कई आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और इकरा हसन के धर्म को लेकर भी बयानबाज़ी की। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद देशभर से प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।












Click it and Unblock the Notifications